Advertisements
Advertisements
प्रश्न
प्रथम बोर-त्रिज्या और म्यूओनिक हाइड्रोजन परमाणु [अर्थात् कोई परमाणु जिसमें लगभग 207 me द्रव्यमान का ऋणावेशित म्यूऑन (μ–) प्रोटॉन के चारों ओर घूमता है। की निम्नतम अवस्था ऊर्जा को प्राप्त करने का परिकलन कीजिए।
Advertisements
उत्तर
एक म्यूओनिक हाइड्रोजन परमाणु में प्रोटॉन रूपी नाभिक के चारों ओर एक म्यूऑन (आवेश = – 1.6 x 10-19C, द्रव्यमान mμ = 207me
वृत्तीय कक्षा में चक्कर लगाता है।
अतः `m_mu/"m"_"e" = 207`
हाइड्रोजन परमाणु में, इलेक्ट्रॉन की n वीं कक्षा की त्रिज्या
`"r"_"e" = "h"^2/(4pi^2 "m"^"e" "ke"^2) ....("जहाँ" k = 1/(4piepsilon_0))`
अथवा `"r"_"e" = "K"/"m"_"e" ("जहाँ" "K" = "h"^2/(4pi^2"ke"^2) = "नियतांक")`
समान रूप से, `"r"_mu = "K"/"m"_mu`
∴ `"r"_mu/"r"_"e" = "m"_"e"/"m"_mu => "r"_"u" = 1/207 xx "r"_"e"`
परन्तु इलेक्ट्रॉन की प्रथम कक्षा की त्रिज्या re = 0.53 Å = 0.53 × 10-10 m
∴ म्यूऑन की प्रथम कक्षा की त्रिज्या `"r"_mu = 1/207 xx 0.53 xx 10^-10 " m"`
`=> "r"_mu = 2.56 xx 10^-13` m
पुनः प्रथम कक्षा में म्यूऑन की ऊर्जा `"E"_"e" = - 1/2 xx 1/(4 piepsilon_0) * "e"^2/"r"_"e"`
तथा प्रथम कक्षा में म्यूऑन की ऊर्जा `"E"_mu = - 1/2 xx 1/(4 piepsilon_0) * "e"^2/"r"_mu`
∴ `"E"_mu/"E"_"e" = "r"_"e"` परन्तु `"r"_"e"/"r"_mu = "m"_mu/"m"_"e"`
`=> "E"_mu = "m"_mu/"m"_"e" xx "E"_"e" = 207 "E"_"e"`
∵ प्रथम कक्षा में हाइड्रोजन इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा Ee = - 13.6 eV
∴ प्रथम कक्षा में म्यूऑन की ऊर्जा
Eμ = 207 × (- 13.6 eV) = - 2815.2 eV = - 2.82 keV
संबंधित प्रश्न
हाइड्रोजन परमाणु की निम्नतम अवस्था में ऊर्जा −13.6 eV है। इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जाएँ क्या होंगी?
निम्नतम अवस्था में विद्यमान एक हाइड्रोजन परमाणु एक फोटॉन को अवशोषित करता है जो इसे n = 4 स्तर तक उत्तेजित कर देता है। फोटॉन की तरंगदैर्घ्य तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।
- बोर मॉडल का उपयोग करके किसी हाइड्रोजन परमाणु में n = 1, 2 तथा 3 स्तरों पर इलेक्ट्रॉन की चाल परिकलित कीजिए।
- इनमें से प्रत्येक स्तर के लिए कक्षीय अवधि परिकलित कीजिए।
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन के मध्य गुरुत्वाकर्षण, कूलॉम-आकर्षण से लगभग 10-40 के गुणक से कम है। इस तथ्य को देखने का एक वैकल्पिक उपाय यह है कि यदि इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन गुरुत्वाकर्षण द्वारा सम्बद्ध हों तो किसी हाइड्रोजन परमाणु में प्रथम बोर कक्षा की त्रिज्या का अनुमान लगाइए। आप मनोरंजक उत्तर पाएँगे।
हाइड्रोजन परमाणु की प्रथम उत्तेजित अवस्था में इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा लगभग – 3.4eV है।
- इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा क्या है?
- इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की स्थितिज ऊर्जा क्या है?
- यदि स्थितिज ऊर्जा के शून्य स्तर के चयन में परिवर्तन कर दिया जाए तो ऊपर दिए गए उत्तरों में से कौन-सा उत्तर परिवर्तित होगा?
जब हाइड्रोजन परमाणु में उत्तेजित इलेक्ट्रॉन n = 6 से मूल अवस्था में जाता है, तो प्राप्त उत्सर्जित रेखाओं की अधिकतम संख्या क्या होगी?
हाइड्रोजन के प्रथम कक्षक से संबंधित ऊर्जा –2.18 × 10–18 J atom–1 है। पाँचवें कक्षक से संबंधित ऊर्जा बताइए।
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन को पहली कक्ष से पाँचवीं कक्ष तक ले जाने के लिए आवश्यक ऊर्जा की जूल में गणना कीजिए। जब यह इलेक्ट्रॉन तलस्थ अवस्था में लौटता है, तो किस तरंग-दैर्घ्य का प्रकाश उत्सर्जित होगा?
(इलेक्ट्रॉन की तलस्थ अवस्था ऊर्जा −2.18 × 10−11 ergs है।)
\[\ce{He^+_{ (g)} -> He^{2+}_{ (g)} + e^-}\] प्रक्रिया के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। हाइड्रोजन परमाणु की तलस्थ अवस्था में आयनन ऊर्जा 2.18 × 10−18 J atom−1 है।
उत्तेजित अवस्थाओं में अणुओं के जीवनकाल का माप प्रायः लगभग नैनो-सेकंड परास वाले विकिरण स्रोत का उपयोग करके किया जाता है। यदि विकिरण स्रोत का काल 2ns और स्पंदित विकिरण स्रोत के दौरान उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या 2.5 × 1015 है, तो स्रोत की ऊर्जा की गणना कीजिए।
