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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए:
पोशाक हमारे लिए कब बंधन और अड़चन बन जाती है?
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उत्तर
जब हमें किसी दुःखी व्यक्ति को सांत्वना देनी होती है, तो अक्सर उसे छोटा समझने की भावना या अपनी झिझक के कारण हम उससे बात करने से कतराते हैं। यहाँ तक कि हम उसके प्रति सांत्वना व्यक्त करने में भी असफल हो जाते हैं। जब हम अपने से कम दर्ज़े या कम पैसे वाले व्यक्ति के साथ उसके दुख बाँटने की इच्छा रखते हैं। कई बार हमारी पोशाक या हमारा बाहरी व्यक्तित्व भी उसके पास जाने में रुकावट बन जाता है।
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अनुस्वार |
अनुनासिक | |
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(क) |
अंदर |
(क) |
ढूँढ़ते |
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(ख) |
____________ |
(ख) |
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(ग) |
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(ग) |
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(घ) |
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(ङ) |
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