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प्रश्न
निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।
\[\ce{H2O2_{( aq)} + 3I^-_{( aq)} + 2H^+ -> 2H2O_{(l)} + I^-_3}\] वेग = k [H2O2] [I–]
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उत्तर
दी गई वेग = k [H2O2] [I−]
अभिक्रिया कोटि = 2
k का आयाम = `"वेग "/(["H"_2"O"_2]["I"^(-)])`
= `("mol L"^(-1) "s"^(-1))/(("mol L"^(-1))("mol L"^(-1)))`
= L mol−1 s−1
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एक अभिक्रिया \[\ce{A + B → {उत्पाद}}\], के लिए वेग नियम `r = k[A]^(1/2)[B]^2` से दिया गया है। अभिक्रिया की कोटि क्या है?
निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।
\[\ce{CH3CHO_{(g)} -> CH4_{(g)} + CO_{(g)}}\] वेग = k [CH3CHO]3/2
A और B के मध्य अभिक्रिया में A और B की विभिन्न प्रारंभिक सांद्रताओं के लिए प्रारंभिक वेग (r0) नीचे दिए गए हैं।
A और B के प्रति अभिक्रिया की कोटि क्या है?
| A/mol L−1 | 0.20 | 0.20 | 0.40 |
| B/mol L−1 | 0.30 | 0.10 | 0.05 |
| r0/mol L−1 s−1 | 5.07 × 10−5 | 5.07 × 10−5 | 1.43 × 10−4 |
अरेनिअस समीकरण के अनुसार `"Ae"^(−"E"_"a"//"RT")` अभिक्रिया दर स्थिरांक k के बराबर है। ln k और `1/"T"` के मध्य ग्राफ को निम्न विकल्पों में से किसके द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।
किसी भी एक-अणुक अभिक्रिया के लिए ______।
- दर निर्धारण चरण में केवल एक अभिकारी स्पीसीज प्रयुक्त होती है।
- सबसे धीमे चरण की कोटि तथा आण्विकता एक के बराबर होती है।
- अभिक्रिया की आण्विकता एक होती है और कोटि शून्य होती है।
- अभिक्रिया की आण्विकता और कोटि दोनों ही एक होती हैं।
एक जटिल अभिक्रिया के लिए ______।
- समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता के समान होती है।
- समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से कम होती है।
- समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से अधिक होती है।
- सबसे धीमे पद की आण्विकता कभी भी शून्य अथवा अपूर्णांक नहीं होती।
एक सक्रियत संकुल के विघटन के दौरान ______।
- ऊर्जा हमेशा निष्काषित होती है।
- ऊर्जा हमेशा अवशोषित होती है।
- ऊर्जा परिवर्तित नहीं होती।
- अभिक्रियक बन सकते हैं।
अभिकथन - अर्रेनिअस समीकरण से सामान्य तथा जटिल अणुओं के लिए निर्धारित वेग स्थिरांक लगभग परिशुद्ध होते हैं।
तर्क - संघट्ट के समय अभिक्रियक अणुओं का कोई भी अभिविन्यास होने पर भी रासायनिक परिवर्तन हो जाता है।
किसी अभिक्रियक के लिए एक अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रियक की सांद्रता आधी कर दी जाए?
एक अभिक्रिया A के प्रति प्रथम तथा B के प्रति द्वितीय कोटि की है। B की सांद्रता तीन गुनी करने से वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
