मराठी

निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए। 3NOA(g)⟶NA2OA(g) वेग = k [NO]2

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{3NO_{(g)} -> N2O_{(g)}}\] वेग = k [NO]2

संख्यात्मक
Advertisements

उत्तर

दी गई वेग = k [NO]2

अभिक्रिया कोटि = 2

k का आयाम = `"वेग "/["NO"]^2`

= `("mol L"^(-1)  "s"^(-1))/("mol L"^(-1))^2`

= `("mol L"^(-1)  "s"^(-1))/("mol"^2  "L"^(-2))`

= L mol−1 s−1

shaalaa.com
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ८७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 3 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q 3.1 (i) | पृष्ठ ८७

संबंधित प्रश्‍न

अणु X का Y में रूपांतरण द्वितीय कोटि की बलगतिकी के अनुरूप होता है। यदि X की सांद्रता तीन गुनी कर दी जाए तो Y के निर्माण होने के वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{CH3CHO_{(g)} -> CH4_{(g)} + CO_{(g)}}\] वेग = k [CH3CHO]3/2


निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{C2H5Cl_{(g)} -> C2H4_{(g)} + HCl_{(g)}}\] वेग = k [C2H5Cl]


अभिक्रिया \[\ce{2A + B -> A2B}\] के लिए वेग = k[A][B]2 यहाँ k का मान 2.0 × 10−6 mol−2 L2 s−1 है। प्रारंभिक वेग की गणना कीजिए; जब [A] = 0.1 mol L−1 एवं [B] = 0.2 mol L−1 हो तथा अभिक्रिया वेग की गणना कीजिए; जब [A] घटकर 0.06 mol L−1 रह जाए।


रासायनिक अभिक्रिया के वेग पर प्रभाव डालने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।


किसी अभिक्रियक के लिए एक अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रियक की सांद्रता दुगुनी कर दी जाए?


A और B के मध्य अभिक्रिया में A और B की विभिन्न प्रारंभिक सांद्रताओं के लिए प्रारंभिक वेग (r0) नीचे दिए गए हैं।

A और B के प्रति अभिक्रिया की कोटि क्या है?

A/mol L−1 0.20 0.20 0.40
B/mol L−1 0.30 0.10 0.05
r0/mol L−1 s−1 5.07 × 10−5 5.07 × 10−5 1.43 × 10−4

एक जटिल अभिक्रिया के लिए ______।

  1. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता के समान होती है।
  2. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से कम होती है।
  3. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से अधिक होती है।
  4. सबसे धीमे पद की आण्विकता कभी भी शून्य अथवा अपूर्णांक नहीं होती।

एक सक्रियत संकुल के विघटन के दौरान ______।

  1. ऊर्जा हमेशा निष्काषित होती है।
  2. ऊर्जा हमेशा अवशोषित होती है।
  3. ऊर्जा परिवर्तित नहीं होती।
  4. अभिक्रियक बन सकते हैं।

किसी अभिक्रियक के लिए एक अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रियक की सांद्रता आधी कर दी जाए?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×