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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −कवि ने किन पंक्तियों में यह व्यक्त किया है कि हमें गर्व-रहित जीवन व्यतीत करना चाहिए?

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने किन पंक्तियों में यह व्यक्त किया है कि हमें गर्व-रहित जीवन व्यतीत करना चाहिए?

टीपा लिहा
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उत्तर

रहो न भूल के कभी मदांध तुच्छ वित्त में,
सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।

उपरोक्त पंक्तियों में कवि ने गर्व-रहित जीवन व्यतीत करने की प्रेरणा दी है। कवि का कहना है कि धन संपत्ति आने पर घमंड नहीं करना चाहिए। केवल आप ही सनाथ नहीं हैं। सभी पर ईश्वर की कृपा दृष्टि है। वह सभी को सहारा देता है।

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मनुष्यता
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.4: मनुष्यता - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
पाठ 1.4 मनुष्यता
प्रश्न-अभ्यास | Q (क) 4. | पृष्ठ १७

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