मराठी

इंदौर में लेखिका के पिता खुशहाली के दिन जी रहे थे। लेखिका के पिता के खुशहाली भरे दिनों को स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इंदौर में लेखिका के पिता खुशहाली के दिन जी रहे थे। लेखिका के पिता के खुशहाली भरे दिनों को स्पष्ट कीजिए।

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

इंदौर में लेखिका के पिता की प्रतिष्ठा थी, नाम था और सम्मान था। वे कांग्रेस के साथ-साथ सुधार कार्यों से जुड़े थे। शिक्षा के नाम पर वे केवल उपदेश ही नहीं दिया करते थे बल्कि आठ-दस विद्यार्थियों को अपने घर पर रखकर पढ़ाया करते थे, जिनमें से कई आज अच्छे पदों पर हैं। वहाँ उनकी उदारता के चर्चे भी खूब प्रसिद्ध थे।

shaalaa.com
एक कहानी यह भी
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

लेखिका के व्यक्तित्व पर किन-किन व्यक्तियों का किस रूप में प्रभाव पड़ा?


इस आत्मकथ्य में लेखिका के पिता ने रसोई को 'भटियारखाना' कहकर क्यों संबोधित किया है?


मनुष्य के जीवन में आस-पड़ोस का बहुत महत्व होता है। परंतु महानगरों में रहने वाले लोग प्राय: 'पड़ोस कल्चर' से वंचित रह जाते हैं। इस बारे में अपने विचार लिखिए।


लेखिका द्वारा पढ़े गए उपन्यासों की सूची बनाइए और उन उपन्यासों को अपने पुस्तकालय में खोजिए।


आप भी अपने दैनिक अनुभवों को डायरी में लिखिए।


लेखिका के पिता का स्वभाव शक्की क्यों हो गया था? इस शक का परिवार पर क्या असर पड़ रहा था?


लेखिका अपने भीतर अपने पिता को किन-किन रूपों में पाती है?


लेखिका अपने ही घर में हीनभावना का शिकार क्यों हो गई?


लेखिका को अपने वजूद का अहसास कब हुआ?
अथवा
घर में लेखिका के व्यक्तित्व को सकारात्मक विकास कब से शुरू हुआ?


लेखिका का अपने पिता के साथ टकराव क्यों चलता रहा? यह टकराव कब तक चलता रहा?


दसवीं के बाद लेखिका द्वारा पुस्तकों का चयन और साहित्य चयन का दायरा कैसे बढ़ता गया?


लेखिका ने कौन-कौन से उपन्यास पढ़े? उन उपन्यासों पर उसकी क्या प्रतिक्रिया रही?


प्रिंसिपल के बुलावे पर लेखिका के पिता कॉलेज नहीं जाना चाहते थे पर वहाँ ऐसा क्या हुआ कि वे खुश होकर लौटे?


वर्ष 1947 में लेखिका को कौन-कौन सी खुशियाँ मिलीं? उसे कौन-सी खुशी सबसे महत्त्वपूर्ण लगी और क्यों?


‘एक कहानी यह भी’ पाठ का प्रतिपाद्य लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×