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प्रश्न
लेखिका ने बचपन में अपने भाइयों के साथ गिल्ली डंडा तथा पतंग उड़ाने जैसे खेल भी खेले किंतु लड़की होने के कारण उनका दायरा घर की चारदीवारी तक सीमित था। क्या आज भी लड़कियों के लिए स्थितियाँ ऐसी ही हैं या बदल गई हैं, अपने परिवेश के आधार पर लिखिए।
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उत्तर
पर अपने बचपन में लेखिका को खेलने और पढ़ने की स्वतंत्रता केवल उतनी ही थी जितनी उनके पिता द्वारा तय की गई गाँव की सीमा के भीतर संभव थी। समय के साथ परिस्थितियाँ काफी बदल गई हैं। आज लड़कियाँ शिक्षा और खेल के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाती हैं। यह बदलाव केवल भारत तक सीमित नहीं है; भारतीय महिलाएँ विदेशों और अंतरिक्ष तक पहुँचकर विश्व स्तर पर अपने देश का गौरव बढ़ा रही हैं। हालांकि, आज भी कुछ गाँवों और परिवारों में महिलाओं की स्वतंत्रता का विरोध देखने को मिलता है।
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