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‘एक कहानी यह भी’ पाठ का प्रतिपाद्य लिखिए।

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प्रश्न

‘एक कहानी यह भी’ पाठ का प्रतिपाद्य लिखिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

‘एक कहानी यह भी’ पाठ में लेखिका मन्नू भंडारी के किशोर जीवन से जुड़ी घटनाओं के अतिरिक्त उनके पिता और उनकी कॉलेज की प्राध्यापिका शीला अग्रवाल को व्यक्तित्व उभरकर आया है जिनके व्यक्तित्व का असर लेखिकीय व्यक्तित्व में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई । यहाँ एक साधारण-सी लड़की के असाधारण बनने तथा वर्ष 1946-47 की आज़ादी की आँधी में जोश और उत्साह में भागीदारी निभाने का वर्णन है।

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एक कहानी यह भी
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पाठ 14: मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
पाठ 14 मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी
अतिरिक्त प्रश्न | Q 13

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इस आत्मकथ्य में लेखिका के पिता ने रसोई को 'भटियारखाना' कहकर क्यों संबोधित किया है?


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लेखिका की अपने पिता से वैचारिक टकराहट को अपने शब्दों में लिखिए।


लेखिका ने बचपन में अपने भाइयों के साथ गिल्ली डंडा तथा पतंग उड़ाने जैसे खेल भी खेले किंतु लड़की होने के कारण उनका दायरा घर की चारदीवारी तक सीमित था। क्या आज भी लड़कियों के लिए स्थितियाँ ऐसी ही हैं या बदल गई हैं, अपने परिवेश के आधार पर लिखिए।


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दसवीं के बाद लेखिका द्वारा पुस्तकों का चयन और साहित्य चयन का दायरा कैसे बढ़ता गया?


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