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भाव स्पष्ट कीजिए - जिसके अरुण कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।

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प्रश्न

भाव स्पष्ट कीजिए -

जिसके अरुण कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।
अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।

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उत्तर

कवि अपनी प्रिय के सौंदर्य का वर्णन करते हुए यह कहते हैं, जिनके गालों में लालिमा और सुंदरता थी। कवि उषा की सुंदरता और उसकी मधुर ऊर्जा की तुलना नायक के रूप से करते हैं। इस प्रकार, नायक के रूप में भी वही आकर्षण और अनुपम सौंदर्य था जैसा उषा में था।

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आत्मकथ्य
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पाठ 4: जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ २०]

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
पाठ 4 जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य
प्रश्न-अभ्यास | Q 4. (ख) | पृष्ठ २०

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