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कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था उसे कविता में किस रूप में अभिव्यक्त किया है?

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प्रश्न

कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था उसे कविता में किस रूप में अभिव्यक्त किया है?

लघु उत्तर
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उत्तर

कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था उसे वह अपनी प्रेयसी नायिका के माध्यम से व्यक्त करता है और कहता है कि नायिका स्वप्न में उसके पास आते-जाते मुस्कुरा कर भाग गई। अत: उसे उसका सुख नहीं मिल सका जिसे वह सुख समझता था वह स्वप्न रुपी छलावा थी। जो अस्थाई रुप से उसके जीवन में आई थी।

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आत्मकथ्य
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पाठ 4: जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ २०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
पाठ 4 जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य
प्रश्न-अभ्यास | Q 7. | पृष्ठ २०

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