मराठी

कोई भी अपनी आत्मकथा लिख सकता है। उसके लिए विशिष्ट या बड़ा होना जरूरी नहीं। हरियाणा राज्य के गुड़गाँव में घरेलू सहायिका के रुप में काम करने वाली बेबी हालदार की आत्मकथा बहुतों के

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

कोई भी अपनी आत्मकथा लिख सकता है। उसके लिए विशिष्ट या बड़ा होना जरूरी नहीं। हरियाणा राज्य के गुड़गाँव में घरेलू सहायिका के रुप में काम करने वाली बेबी हालदार की आत्मकथा बहुतों के द्वारा सराही गई। आत्मकथात्मक शैली में अपने बारे में कुछ लिखिए।

सविस्तर उत्तर
Advertisements

उत्तर

मेरा नाम आर्यन है। मेरा जन्म मुंबई शहर में हुआ था। मेरा बचपन परिवार के स्नेह और खुशहाल वातावरण में बीता। मैंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने निकट के विद्यालय से प्राप्त की और वर्तमान में उच्च कक्षा में अध्ययन कर रहा हूँ। बचपन से ही मुझे पढ़ने, खेलकूद और नई-नई चीजें सीखने में रुचि रही है।

मेरे जीवन में कई महत्वपूर्ण अवसर आए जिन्होंने मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। विद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर मैंने आत्मविश्वास विकसित किया और अनेक नए अनुभव प्राप्त किए। अपने माता-पिता तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन से मैंने कठिन परिस्थितियों का सामना करना सीखा।

वर्तमान में मेरा लक्ष्य अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना और अपने कौशलों का विकास करना है। भविष्य में मैं एक सफल और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज की सेवा करना चाहता हूँ। मुझे विश्वास है कि निरंतर परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर मैं अपने जीवन के उद्देश्यों को अवश्य प्राप्त करूँगा।

shaalaa.com
आत्मकथ्य
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ २०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
पाठ 4 जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य
प्रश्न-अभ्यास | Q 10. | पृष्ठ २०

संबंधित प्रश्‍न

कवि आत्मकथा लिखने से क्यों बचना चाहता है?


भाव स्पष्ट कीजिए -

मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया।
आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया।


‘उज्ज्वल गाथा कैसे गाऊँ, मधुर चाँदनी रातों की’ - कथन के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था उसे कविता में किस रूप में अभिव्यक्त किया है?


आप किन व्यक्तियों की आत्मकथा पढ़ना चाहेंगे और क्यों?


‘असंख्य जीवन-इतिहास’ कहकर कवि किस ओर संकेत करना चाहता है?


कवि के मित्र उससे क्या आग्रह कर रहे थे? वह इस आग्रह को पूरा क्यों नहीं करना चाहता था?


कवि को अपनी गागर रीती क्यों लगती है?


‘तुम ही खाली करने वाले’ के माध्यम से कवि किनसे, क्या कहना चाहता है?


उन तथ्यों का उल्लेख कीजिए जिनका उल्लेख कवि अपनी आत्मकथा में नहीं करना चाहता है?


कवि ने अपने जीवन की उज्ज्वल गाथा किसे कहा है?


कवि के लिए सुख दिवास्वप्न बनकर रह गए, स्पष्ट कीजिए।


आत्मकथा लिखने के लिए किन गुणों की आवश्यकता होती है? कवि के लिए यह कार्य कठिन क्यों था? सोचकर लिखिए।


'आत्मकथ्य' से उद्धृत निम्नलिखित काव्य-पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए -

“उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।”


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'कथा के सीवन को उधेड़ने' का अर्थ स्पष्ट करते हुए बताइए कि कवि के लिए आत्मकथा लिखना सीवन उधेड़ने जैसा क्यों है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×