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NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० chapter 3 - देव - सवैया और कवित्त [Latest edition]

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Chapters

    1: सूरदास - पद

    2: तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

▶ 3: देव - सवैया और कवित्त

    4: जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य

    5: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है

    6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल

    7: गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना

    8: ऋतुराज - कन्यादान

    9: मंगलेश डबराल - संगतकार

    10: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा

    11: रामवृक्ष बेनीपुरी - बालगोबिन भगत

    12: यशपाल - लखनवी अंदाज़

    13: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना - मानवीय करुणा की दिव्या चमक

    14: मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी

    15: महावीरप्रसाद द्विवेदी - स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन

    16: यतींद्र मिश्र - नौबतखाने में इबादत

    17: भदंत आनंद कौसल्यायन - संस्कृति

NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० chapter 3 - देव - सवैया और कवित्त - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 3: देव - सवैया और कवित्त

Below listed, you can find solutions for Chapter 3 of CBSE NCERT for हिंदी क्षितिज भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १०.


प्रश्न-अभ्यासअतिरिक्त प्रश्न
प्रश्न-अभ्यास [Page 23]

NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० 3 देव - सवैया और कवित्त प्रश्न-अभ्यास [Page 23]

1Page 23

कवि ने 'श्रीबज्रदूलह' किसके लिए प्रयुक्त किया है और उन्हें ससांर रूपी मंदिर दीपक क्यों कहा है?

2Page 23

पहले सवैये में से उन पंक्तियों को छाँटकर लिखिए जिनमें अनुप्रास और रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है?

3Page 23

निम्नलिखित पंक्तियों का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

पाँयनि नूपुर मंजु बजैं, कटि किंकिनि कै धुनि की मधुराई।

साँवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई

4Page 23

दूसरे कवित्त के आधार पर स्पष्ट करें कि ऋतुराज वसंत के बाल-रूप का वर्णन परंपरागत वसंत वर्णन से किस प्रकार भिन्न है।

5Page 23

'प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।

6Page 23

चाँदनी रात की सुंदरता को कवि ने किन-किन रूपों में देखा है?

7Page 23

'प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करते हुए बताएँ कि इसमें कौन-सा अलंकार है?

8Page 23

तीसरे कवित्त के आधार पर बताइए कि कवि ने चाँदनी रात की उज्ज्वलता का वर्णन करने के लिए किन-किन उपमानों का प्रयोग किया है?

9Page 23

पठित कविताओं के आधार पर कवि देव की काव्यगत विशेषताएँ बताइए।

10Page 23

अपने घर की छत से पूर्णिमा की रात देखिए तथा उसके सौंदर्य को अपनी कलम से शब्दबद्ध कीजिए।

अतिरिक्त प्रश्न

NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० 3 देव - सवैया और कवित्त अतिरिक्त प्रश्न

1

श्रीकृष्ण के शरीर पर कौन-कौन से आभूषण मधुर ध्वनि उत्पन्न कर रहे हैं?

2

श्री कृष्ण का शरीर कैसा है? उसका सौंदर्य किस कारण बढ़ गया है?

3

श्रीकृष्ण के मुख की तुलना किससे की गई है और क्यों?

4

श्रीकृष्ण की तुलना किससे की गई है और क्यों?

5

कवि देव अपनी सहायता के लिए किसका आहवान कर रहे हैं?

6

कवि देव ने वसंत को किस अनूठे रूप में चित्रित किया है? उनकी यह कल्पना अन्य कवियों से किस तरह अलग है?

7

बालक वसंत का पालना कहाँ है? उसमें सजा बिस्तर किस तरह का है?

8

कामदेव के पुत्र को कौन, किस तरह प्रसन्न रखने का प्रयास कर रहा है?

9

बालक को बुरी नजर से बचाने का प्रयास कौन किस तरह कर रहा है?

10

कवि ने गुलाब का मानवीकरण किस तरह किया है?

11

‘फटिक सिलानि सौं सुधार्या सुधा मंदिर के आधार पर सुधा मंदिर का चित्रण कीजिए।

12

सुधा मंदिर के बाहर और आँगन की क्या विशेषता है?

13

कवि देव को चाँदनी रात में तारे कैसे दिख रहे हैं?

14

कवि देव ने चाँद का वर्णन परंपरा से हटकर किया है, स्पष्ट कीजिए।

15

कवि देव ने वसंत को राजा कामदेव का पुत्र क्यों कहा है?

Solutions for 3: देव - सवैया और कवित्त

प्रश्न-अभ्यासअतिरिक्त प्रश्न
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NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० chapter 3 - देव - सवैया और कवित्त

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