हिंदी

कवि देव ने वसंत को किस अनूठे रूप में चित्रित किया है? उनकी यह कल्पना अन्य कवियों से किस तरह अलग है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

कवि देव ने वसंत को किस अनूठे रूप में चित्रित किया है? उनकी यह कल्पना अन्य कवियों से किस तरह अलग है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

कवि देव ने ऋतुराज वसंत को पारंपरिक रूप में चित्रित न करके कामदेव के पुत्र (नवजात) के रूप में चित्रित किया है। उनकी यह कल्पना अन्य कवियों से इसलिए अलग है क्योंकि अन्य कवि वसंत के रूप-सौंदर्य का वर्णन करते हैं, जबकि कवि ने वसंत और प्रकृति के कई अंगों का मानवीकरण किया है।

shaalaa.com
कवित्त
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

दूसरे कवित्त के आधार पर स्पष्ट करें कि ऋतुराज वसंत के बाल-रूप का वर्णन परंपरागत वसंत वर्णन से किस प्रकार भिन्न है।


'प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।


'प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करते हुए बताएँ कि इसमें कौन-सा अलंकार है?


तीसरे कवित्त के आधार पर बताइए कि कवि ने चाँदनी रात की उज्ज्वलता का वर्णन करने के लिए किन-किन उपमानों का प्रयोग किया है?


बालक वसंत का पालना कहाँ है? उसमें सजा बिस्तर किस तरह का है?


कामदेव के पुत्र को कौन, किस तरह प्रसन्न रखने का प्रयास कर रहा है?


बालक को बुरी नजर से बचाने का प्रयास कौन किस तरह कर रहा है?


कवि ने गुलाब का मानवीकरण किस तरह किया है?


कवि देव को चाँदनी रात में तारे कैसे दिख रहे हैं?


कवि देव ने चाँद का वर्णन परंपरा से हटकर किया है, स्पष्ट कीजिए।


कवि ने 'चाहत चलन ये संदेसो ले सुजान को' क्यों कहा है?


कवि मौन होकर प्रेमिका के कौन से प्रण पालन को देखना चाहता है?


कवि ने किस प्रकार की पुकार से 'कान खोलि है' की बात कही है?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
बहुत दिनान को अवधि आसपास परे/खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को


संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
झूठी बतियानि की पत्यानि तें उदास है, कै ______ चाहत चलन ये संदेशो लै सुजान को।


आशय स्पष्ट कीजिए।

अधर लगे हैं आनि करि कै पयान प्रान,
चाहत चलन ये सैंदेसो लै सुजान को।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×