Advertisements
Advertisements
कृति कीजिए :
पाठ (दो संस्मरण) में आए शहरों के नाम -
- ______
- ______
Concept: undefined >> undefined
कृति कीजिए :
तिल से बनी मिठाइयों के नाम -
- ______
- ______
Concept: undefined >> undefined
Advertisements
‘सहकारिता ही जीवन है’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
Concept: undefined >> undefined
अंतर स्पष्ट कीजिए :
| कर सकते हैं | |
| अकेले हम | रिश्तों के बीच हम |
| ______ | ______ |
Concept: undefined >> undefined
कारण लिखिए :
लड़के का चेहरा देखकर लोग आश्चर्य करने लगे - ______
Concept: undefined >> undefined
कारण लिखिए :
लड़के ने सज्जन के दिए रुपये लौटाए - ______
Concept: undefined >> undefined
‘परिश्रम और स्वाभिमान से जिंदगी बिताने में आनंद की प्राप्ति होती है’ इसपर अपने विचार लिखिए।
Concept: undefined >> undefined
वक्तृत्व प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने के उपलक्ष्य में आपके मित्र/सहेली ने आपको बधाई पत्र भेजा है, उसे धन्यवाद देते हुए निम्न प्रारूप में पत्र लिखिए :
|
दिनांक : ______ विषय विवेचन : ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________ तुम्हारा/तुम्हारी, |
Concept: undefined >> undefined
अपने प्रिय लेखक/कवि को पत्र लिखकर उनकी किसी रचना के बारे में अपना मत व्यक्त कीजिए।
Concept: undefined >> undefined
अपने विद्यालय के प्राचार्य को ग्रंथालय में हिंदी पूरक पठन के लिए आवश्यक पुस्तकों की सूची देते हुए, उन्हें उपलब्ध कराने हेतु विद्यार्थी प्रतिनिधि के नाते निम्न प्रारूप में अनुरोध पत्र लिखिए :
|
दिनांक : __________________________________________ __________________________________________ __________________________________________ आपका/आपकी आज्ञाकारी, |
Concept: undefined >> undefined
अपूर्व/अपूर्वा जोशी, धर्मपेठ, नागपुर 440001 से अपने मित्र/सहेली भारत/भारती सहगल रावेत, पुणे-33 को पत्र लिखकर विद्यालय में मनाए गए 'वृक्षारोपण समारोह' की जानकारी देते हुए पत्र 'लिखता/लिखती है।
Concept: undefined >> undefined
सत्यकाम/सावित्री गर्ग, 52/5 शास्त्रीनगर, नागपुर से घरेलू औषधियाँ मँगवाने हेतु जय औषधि भंडार, औरंगाबाद को पत्र लिखता/लिखती है।
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित अपठित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
|
निर्मम कुम्हार की थापी से कितने रूपों में कुटी-पिटी, |
(१) संजाल पूर्ण कीजिए :

(२) विधान के सामने सही अथवा गलत लिखिए :
१. हवा के आने से मिट्टी गल जाती है । - ______
२. पानी बरसने से मिट्टी उड़ जाती है । - ______
३. सूरज के दमकने पर मिट्टी ढल जाती है । - ______
४. मिट्टी कभी-कभी बिखर जाती है । - ______
(३) पद्य की प्रथम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए ।
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
मुझे जोधपुर जाना था। बस आने में देरी थी। अतः बस स्टॉप पर बस के इंतजार में बैठा था। वहाँ बहुत से यात्रियों का जमघट लगा हुआ था। सभी बातों में मशगूल थे अतः अच्छा-खासा शोर हो रहा था। अचानक एक आवाज ने मेरा ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। एक दस वर्षीय लड़का फटा-सा बैग लटकाए निवेदन कर रहा था - ‘‘बाबू जी, पॉलिश करा लो।’’ मेरे मना करने पर उसने विनीत मुद्रा में कहा - ‘‘बाबू जी, करा लो। जूते चमका दूँगा। अभी तक मेरी बोहनी नहीं हुई है।’’ मैं घर से जूते पॉलिश करके आया था अतः मैंने उसे स्पष्ट मना कर दिया। वह दूसरे यात्री के पास जाकर विनय करने लगा। मैं उसी ओर की देखने लगा। वह रह-रहकर यात्रियों से अनुनय-विनय कर रहा था- ‘‘बाबू जी, पॉलिश करा लो। जूते चमका दूँगा। अभी तक मेरी बोहनी नहीं हुई है।’’ मेरे पास ही एक सज्जन बैठे थे। वे भी उस लड़के को बड़े गौर से देख रहे थे। शायद उन्हें उसपर दया आई। उन्होंने उसे पुकारा तो वह प्रसन्न होकर उनके पास आया और वहीं बैठ गया। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए: (2)

(2) कारण लिखिए: (2)
- लेखक का लड़के को मना करना - ______
- लड़के का प्रसन्न होना - ______
(3) ‘स्वावलंबन का महत्त्व’ इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (3)
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
राजेश/राधिका पांडे, गणेशनगर, औरंगाबाद से अपने मित्र/सहेली गणेश/गायत्री परदेशी, पूजा गार्डन, महात्मा गांधी रोड, नांदेड 431601 को अपने बड़े भाई के विवाह में आमंत्रित करते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
Concept: undefined >> undefined
पूनम/पोषण ठाकरे, 117, इंद्रप्रस्थ निवास, अमरावती से नागपुर, गया नगर में रहने वाले अपने छोटे भाई अविनाश ठाकरे को राष्ट्रभाषा हिंदी परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु मार्गदर्शन पर पत्र लिखती/लिखता है।
Concept: undefined >> undefined
कावेरी/कार्तिक पाटील, युवा नगर, लातूर से शिवाजी हिंदी विद्यालय के लिए खेल सामग्री मँगाने हेतु मा. व्यवस्थापक, कृष्णा स्पोर्ट्स, चिचवड, पुणे को पत्र लिखती/लिखता है।
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर उसपर आधारित ऐसे पाँच प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों :
|
महर्षि कर्वे १०५ वर्ष तक जीवित रहे। जब देश भर में उनकी जन्म शताब्दी मनाई गई तो मुंबई की एक सभा में नेहरू जी ने कहा था, ‘‘आपके जीवन से प्रेरणा और स्फूर्ति प्राप्त होती है। आपका जीवन इस बात की बेमिसाल कहानी है कि एक मानव क्या कर सकता है । मैं आपको बधाई देने नहीं आया वरन आपसे आशीर्वाद लेने आया हूँ।’’ भारतरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था, ‘‘डॉ. कर्वे का जीवन इस बात का ज्वलंत प्रमाण है कि दृढ़ धारणावाला साधारण व्यक्ति भी सर्वथा विपरीत परिस्थितियों में भी महान कार्य कर सकता है।’’ अण्णा साहब उन इक्के-दुक्के व्यक्तियों में से थे जो एक बार निश्चय कर लेने पर असाध्य कार्य को सिद्ध करने में लग जाते और उसे पूरा करके दिखा देते। भारत सदा से महान पुरुष रत्नों की खान रहा है और डॉ. कर्वे उन समाज सुधारकों में से थे जिन्होंने किसी सिद्धांत को पहले अपने जीवन में उतारकर उसे क्रियात्मक रूप दिया। हम प्रायः भाग्य को कोसा करते हैं और धन की कमी की शिकायत किया करते हैं परंतु यह उस व्यक्ति की कहानी है जो गरीब घर में पैदा हुआ, बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर स्वयं पढ़ाई की और इस अकेले व्यक्ति ने ‘भारतीय महिला विद्यापीठ’ की स्थापना की। |
प्रश्न :
- ______
- ______
- ______
- ______
- ______
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर ऐसे पाँच प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
|
भारतीय वायु सेना की एक प्रशिक्षणार्थी डॉ. कु. गीता घोष ने उस दिन यह छलाँग लगाकर भारतीय महिलाओं की प्रगति के इतिहास में एक पन्ना और जोड़ दिया था डॉ. घोष पहली भारतीय महिला हैं, जिन्होंने वायुयान से छतरी द्वारा उतरने का साहसिक अभियान किया था। छतरी से उतरने का प्रशिक्षण पूरा करने के लिए हर छाताधारी को सात बार छतरी से उतरना पड़ता है। इनमें से पहली कूद तो रोमांचित होती ही है, वह कूद और भी रोमांचक होती है, जब उसे रात के अँधेरे में कहीं जंगल में अकेले उतरना होता है। डॉ. गीता न पहली कूद में घबराईं, न अन्य कूदों में और इसी प्रकार सातों कूदें उन्होंने सफलतापूर्वक पूरी कर लीं। प्रशिक्षण के दौरान उनका यह कथन कि “मैं चाहती हूँ, जल्दी ये कूदें खत्म हों और मैं पूर्ण सफल छाताधारी बन जाऊँ”, उनकी उमंग तथा उत्साह को प्रकट करता है। डॉ. गीता के अनुसार, उनकी डॉक्टरी शिक्षा भी इसी अभियान में काम आई। फिर लगन और नए क्षेत्र में प्रवेश का उत्साह हो तो कौन-सा काम कठिन रह जाता है। प्रशिक्षण से पूर्व तो उन्हें और भी कठिन परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ा था। |
Concept: undefined >> undefined

