हिंदी

Arts (English Medium) कक्षा १२ - CBSE Question Bank Solutions

Advertisements
विषयों
अध्याय
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  4361 to 4380 of 13196  next > 

'पत्थर' और 'चट्टान' शब्द किसके प्रतीक हैं?

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Concept: undefined >> undefined

भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
मिट्टी में रस होगा ही जब वह पोसेगी बीज को
हम इसको क्या कर डालें इस अपने मन की खीज को?
गोड़ो गोड़ो गोड़ो

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

कविता का आरंभ 'तोड़ो तोड़ो तोड़ो' से हुआ है और अंत 'गोड़ो गोड़ो गोड़ो' से। विचार कीजिए कि कवि ने ऐसा क्यों किया?

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Concept: undefined >> undefined

ये झूठे बंधन टूटें
तो धरती को हम जानें
यहाँ पर झूठे बंधनों और धरती को जानने से क्या अभिप्राय हैं?

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Concept: undefined >> undefined

'आधे-आधे गाने' के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Concept: undefined >> undefined

मिट्टी और बीज से संबंधित और भी कविताएँ हैं, जैसे सुमित्रानंदन पंत की 'बीज'। अन्य कवियों की ऐसी कविताओं का संकलन कीजिए और भित्ति पत्रिका में उनका उपयोग कीजिए।

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Concept: undefined >> undefined

राम के वन-गमन के बाद उनकी वस्तुओं को देखकर माँ कौशल्या कैसा अनुभव करती हैं? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

'रहि चकि चित्रलिखी सी' पंक्ति का मर्म अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

गीतावली से संकलित पद 'राघौ एक बार फिरि आवौ' मैं निहित करुणा और संदेश को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

पाठ के किन्हीं चार स्थानों पर अनुप्रास के स्वाभाविक एवं सहज प्रयोग हुए हैं उन्हें छाँटकर लिखिए?

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

प्रियतमा के दुख के क्या कारण हैं?

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

कवि 'नयन न तिरपित भेल' के माध्यम से विरहिणी नायिका की किस मनोदशा को व्यक्त करना चाहता है?

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

'सेह फिरत अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन होए' से लेखक का क्या आशय है?

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने के कारण अपने शब्दों में लिखिए।

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर क्या प्रभाव पड़ता है?

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

कातर दृष्टि से चारों तरफ़ प्रियतम को ढूँढ़ने की मनोदशा को कवि ने किन शब्दों में व्यक्त किया है?

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
एकसरि भवन पिआ बिनु रे मोहि रहलो न जाए।
सखि अनकर दुख दारुन रे जग के पतिआए।

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
जनम अवधि हम रूप निहारल नयन न तिरपित भेल।।

सेहो मधुर बोल स्रवनहि सूनल स्रुति पथ परस न गेल।।
[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
कुसुमित कानन हेरि कमलमुखि, मूदि रहए दु नयान।
कोकिल-कलरव, मधुकर-धुनि सुनि, कर देइ झाँपइ कान।।

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

लेखक ने अपने पिता जी की किन-किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?

[9] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [9] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined
< prev  4361 to 4380 of 13196  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Accountancy
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Business Studies
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Computer Science (Python)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Economics
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ English Core
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ English Elective - NCERT
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Entrepreneurship
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Geography
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Hindi (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Hindi (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ History
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Informatics Practices
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Mathematics
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Physical Education
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Political Science
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Psychology
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Sanskrit (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Sanskrit (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Sociology
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×