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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
26 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए क्या-क्या तैयारियाँ की गईं?
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
'आज जो बात थी वह निराली थी' − किस बात से पता चल रहा था कि आज का दिन अपने आप में निराला है? स्पष्ट कीजिए।
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पुलिस कमिश्नर के नोटिस और कौंसिल के नोटिस में क्या अंतर था?
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
धर्मतल्ले के मोड़ पर आकर जुलूस क्यों टूट गया?
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
डा. दासगुप्ता जुलूस में घायल लोगों की देख-रेख तो कर रहे थे, उनके फ़ोटो भी उतरवा रहे थे। उन लोगों के फ़ोटो खींचने की क्या वजह हो सकती थी? स्पष्ट कीजिए।
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की क्या भूमिका थी?
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
जुलूस के लाल बाज़ार आने पर लोगों की क्या दशा हुई?
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
'जब से कानून भंग का काम शुरू हुआ है तब से आज तक इतनी बड़ी सभा ऐसे मैदान में नहीं की गई थी और यह सभा तो कहना चाहिए कि ओपन लड़ाई थी।' यहाँ पर कौन से और किसके द्वारा लागू किए गए कानून को भंग करने की बात कही गई है? क्या कानून भंग करना उचित था? पाठ के संदर्भ में अपने विचार प्रकट कीजिए।
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
बहुत से लोग घायल हुए, बहुतों को लॉकअप में रखा गया, बहुत-सी स्त्रियाँ जेल गईं, फिर भी इस दिन को अपूर्व बताया गया है। आपके विचार में यह सब अपूर्व क्यों है? अपने शब्दों में लिखिए।
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
आज तो जो कुछ हुआ वह अपूर्व हुआ है। बंगाल के नाम या कलकत्ता के नाम पर कलंक था कि यहाँ काम नहीं हो रहा है वह आज बहुत अंश में धुल गया।
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
खुला चैलेंज देकर ऐसी सभा पहले नहीं की गई थी?
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निम्नलिखित अंशों का भाव स्पष्ट कीजिए-
हानि उठानी पड़े जगत् में लाभ अगर वंचना रही
तो भी मन में ना मानूँ क्षय।
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निम्नलिखित अंशों का भाव स्पष्ट कीजिए-
तरने की हो शक्ति अनामय
मेरा भार अगर लघु करके न दो सांत्वना नहीं सही।
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रवींद्रनाथ ठाकुर ने अनेक गीतों की रचना की है। उनके गीत-संग्रह में से दो गीत छाँटिए और कक्षा में कविता-पाठ कीजिए।
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अनेक अन्य कवियों ने भी प्रार्थना गीत लिखे हैं, उन्हें पढ़ने का प्रयास कीजिए; जैसे
- महादेवी वर्मा- क्या पूजा क्या अर्चन रे!
- सूर्यकांत त्रिपाठी निराला- दलित जन पर करो करुणा।
- इतनी शक्ति हमें देना दाता
मन का विश्वास कमज़ोर हो न
हम चलें नेक रस्ते पर हम से
भूल कर भी कोई भूल हो न
इसे प्रार्थना को ढूँढ़कर पूरा पढ़िए और समझिए कि दोनों प्रार्थनाओं में क्या समानता है? क्या आपको दोनों में कोई भी अंतर प्रतीत होता है? इस पर आपस में चर्चा कीजिए।
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रवींद्रनाथ ठाकुर को नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय होने का गौरव प्राप्त है। उनके विषय में और जानकारी एकत्र कर परियोजना पुस्तिका में लिखिए।
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रवींद्रनाथ ठाकुर की ‘गीतांजलि’ को पुस्तकालय से लेकर पढ़िए।
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रवींद्रनाथ ठाकुर ने कलकत्ता (कोलकाता) के निकट एक शिक्षण संस्थान की स्थापना की थी। पुस्तकालय की मदद से उसके विषय में जानकारी एकत्रित कीजिए।
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रवींद्रनाथ ठाकुर ने अनेक गीत लिखे, जिन्हें आज भी गाया जाता है और उसे रवींद्र संगीत कहा जाता है। यदि संभव हो तो रवींद्र संगीत संबंधी कैसेट व सी.डी. सुनिए।
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‘दुख’ के संबंध में हमारी प्रार्थना और कवि की प्रार्थना में क्या अंतर है?
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