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Academic Year: 2024-2025
Date & Time: 28th February 2025, 10:30 am
Duration: 3h
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सामान्य निर्देश:
निम्नलिखित निर्देशों को बहुत सावधानी से पढ़िए और उनका सख्ती से अनुपालन कीजिए :
- इस प्रश्नपत्र में चार खंड हैं - क, ख, ग और घ।
- इस प्रश्नपत्र में कुल 15 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य है।
- प्रश्नपत्र में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं।
- प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए लिखिए।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
|
लोक साहित्य का सृजक लोक ही है इसीलिए उसमें लोकजीवन की आत्मगाथा समाहित होती है। लोक साहित्य मानव जीवन जितना ही प्राचीन है। अपने जन्म के साथ ही मनुष्य ने कथाएँ कहनी शुरू कर दी थीं- यथार्थपरक भी और काल्पनिक भी। इन कथाओं में उसके अपने अनुभव की कथाएँ हैं। साथ ही अपने तत्कालीन समय और समाज की घटनाओं तथा कथाओं का समावेश है। समय के साथ-साथ समाज में बदलाव की बयार चलती रहती है और समय के साथ कदमताल करते हुए लोक साहित्य में भी बदलाव होता रहा है। लोक साहित्य समय के साथ यात्रा करता आया है और परिवर्तनों को स्वीकारता रहा है। लोक साहित्य की यह सबसे बड़ी खूबसूरती है कि वह परंपराओं का ध्यान रखते हुए भी रूढ़ियों को पकड़कर एक जगह ठहरता नहीं। वह समय के साथ चलता है और समय के सच से साक्षात्कार कराते हुए कभी-कभी समय से आगे चलता भी दिखता है। तभी कहा जाता है कि किसी संस्कृति के संबंध में गहराई से जानने के लिए वहाँ के लोक साहित्य को जानना आवश्यक है। क्योंकि उसमें संस्कृति का सच्चा स्वरूप दृष्टिगोचर होता है। लोक साहित्य में लोकगीत, लोककथा, लोकगाथा, लोकनाट्य आदि सभी रूप शामिल हैं। इनकी भाषा इतनी सहज-सरल-सरस होती है कि वह लोककंठों में बस जाती है। आज के आत्ममुग्ध और आत्म-प्रचार के समय में हम लोक साहित्य सृजकों के आत्म-प्रचार से दूर रहने की मनःस्थिति पर विस्मय ही कर सकते हैं। अपनी प्रसिद्धि, मान-सम्मान या अपने नाम के प्रचार की लालसा का भाव उनमें लेशमात्र भी नहीं था। अपनी रचनाओं में भी वे ऐसा संकेत करने से बचते रहे, जिससे उनकी पहचान की जा सके। अपने नाम के प्रचार के मोह से वे पूरी तरह मुक्त थे। |
(i) लोक साहित्य में बदलाव क्यों होते रहते हैं? (1)
- बदलाव से इनमें नवीनता बनी रहती है।
- इसके आधार, समाज में बदलाव होते रहते हैं।
- मनुष्य की कल्पनाएँ नए-नए रूप धारण करती हैं।
- एक ही तरह का साहित्य नीरसता पैदा करता है।
(ii) लोक साहित्य के संबंध में अनुपयुक्त विकल्प हैं- (1)
- लोक साहित्य का संबंध तत्कालीन समाज की परंपराओं से होता है।
- लोक साहित्य के माध्यम से किसी समाज देश की संस्कृति को जाना जा सकता है।
- लोक साहित्य का सृजन समाज के एक वर्ग विशेष द्वारा किया जाता है।
- लोक साहित्य समय के साथ आ रहे बदलाव के प्रति ग्रहणशील होता है।
(iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए: (1)
कथन: लोक साहित्य रूढ़िवाद का समर्थक होता है।
कारण: यथार्थ और कल्पना पर आधारित होने के कारण इनमें बदलाव संभव नहीं है।
- कथन गलत है किंतु कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों ही गलत हैं।
- कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
- कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
(iv) लोक साहित्य और संस्कृति को अंतर्संबंधित क्यों बताया गया है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। (2)
(v) लोक साहित्य सृजक अन्य साहित्य सृजकों से भिन्न कैसे होते हैं? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। (2)
Chapter:
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
|
आदमी का स्वप्न? है वह बुलबुला जल का, मैं न बोला, किंतु मेरी रागिनी बोली मैं न वह जो स्वप्न पर केवल सही करते, मनु नहीं, मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी, |
(i) कॉलम-1 को कॉलम-2 से सुमेलित कीजिए और उचित विकल्प छाँटकर लिखिए: (1)
| कॉलम-1 | कॉलम-2 |
| (1) चाँद | (I) स्वप्न |
| (2) रागिनी | (II) सत्ताधारी निरंकुश शासक |
| (3) बुलबुले | (III) लेखनी/कविता |
विकल्पः
- (1 - II), (2 - I), (3 - III)
- (1 - II), (2 - III), (3 - I)
- (1 - III), (2 - I), (3 - II)
- (1 - I), (2 - III), (3 - II)
(ii) आज का मानव अपने पूर्वजों से भिन्न कैसे है? अनुपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए: (1)
- वह अपनी कल्पना को सच कर सकता है।
- वह विचारों से अत्यंत विवेकशील है।
- वह अपने सपने को साकार करना जानता है।
- वह सिर्फ सपने देखना ही जानता है।
(iii) काव्यांश में ‘नए घर की नींव रखने’ से क्या अभिप्राय है? (1)
- नवीन मान्यताओं को स्वीकारना।
- नए घर का निर्माण करना।
- नए घर का आधार बनाना।
- नए समाज की रचना करना।
(iv) काव्यांश का मूलभाव 25-30 शब्दों में लिखिए। (2)
(v) काव्यांश में मानव को धन्य क्यों कहा गया है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। (2)
Chapter:
निर्देशानुसार ‘रचना के आधार पर वाक्य भेद’ पर आधारित प्रश्न का उत्तर लिखिए:
बिस्मिल्ला खाँ की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने 80 वर्ष की अवस्था तक संगीत सीखने की जिजीविषा को बनाए रखा।
(संयुक्त वाक्य में रूपांतरित कीजिए।)
Chapter:
निर्देशानुसार ‘रचना के आधार पर वाक्य भेद’ पर आधारित प्रश्न का उत्तर लिखिए:
यही वह विवेकपूर्ण दृष्टि है जो संपूर्ण नवजागरण काल की विशेषता है।
(सरल वाक्य में बदलिए।)
Chapter:
निर्देशानुसार ‘रचना के आधार पर वाक्य भेद’ पर आधारित प्रश्न का उत्तर लिखिए:
कार्ल मार्क्स ने अपना सारा जीवन दुःख में बिता दिया।
(रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद का नाम लिखिए।)
Chapter:
निर्देशानुसार ‘रचना के आधार पर वाक्य भेद’ पर आधारित प्रश्न का उत्तर लिखिए:
जब मैं विद्यालय पहुँची, छुट्टी हो चुकी थी।
(आश्रित उपवाक्य छाँटकर उसका भेद भी लिखिए।)
Chapter:
निर्देशानुसार ‘रचना के आधार पर वाक्य भेद’ पर आधारित प्रश्न का उत्तर लिखिए:
काशी में संगीत आयोजन की एक परंपरा है जो प्राचीन और अद्भुत है।
(सरल वाक्य में बदलिए।)
Chapter:
निर्देशानुसार ‘वाच्य’ पर आधारित प्रश्न का उत्तर लिखिए:
माताजी द्वारा मेरी प्रशंसा सुनी गई।
(कर्तृवाच्य में बदलिए।)
Chapter:
निर्देशानुसार ‘वाच्य’ पर आधारित प्रश्न का उत्तर लिखिए:
निराला जी विवेकानंद के विचारों से प्रभावित हुए।
(वाच्य पहचानकर भेद का नाम लिखिए।)
Chapter:
निर्देशानुसार ‘वाच्य’ पर आधारित प्रश्न का उत्तर लिखिए:
किस वाच्य में सिर्फ अकर्मक क्रिया का प्रयोग किया जाता है?
Chapter:
निर्देशानुसार ‘वाच्य’ पर आधारित प्रश्न का उत्तर लिखिए:
पिताजी के मित्र ने मेरा भाषण सुना।
(कर्मवाच्य में बदलिए।)
Chapter:
निर्देशानुसार ‘वाच्य’ पर आधारित प्रश्न का उत्तर लिखिए:
मुझसे चला नहीं जाता।
(वाच्य पहचानकर भेद का नाम लिखिए।)
Chapter:
निर्देशानुसार ‘पद-परिचय’ पर आधारित प्रश्न के रेखांकित पद का पद-परिचय लिखिए:
हालदार साहब कुछ पल चुपचाप-से सामने देखते रहे।
Chapter:
निर्देशानुसार ‘पद-परिचय’ पर आधारित प्रश्न के रेखांकित पद का पद-परिचय लिखिए:
अपनी दादी से उस समय की परिस्थितियों का पता लगाइए।
Chapter:
निर्देशानुसार ‘पद-परिचय’ पर आधारित प्रश्न के रेखांकित पद का पद-परिचय लिखिए:
उनकी संगठन क्षमता और विरोध का तरीका देखने योग्य था।
Chapter:
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निर्देशानुसार ‘पद-परिचय’ पर आधारित प्रश्न के रेखांकित पद का पद-परिचय लिखिए:
प्राकृत का एक प्रसिद्ध ग्रंथ ‘गाथा सप्तशती’ है।
Chapter:
निर्देशानुसार ‘पद-परिचय’ पर आधारित प्रश्न के रेखांकित पद का पद-परिचय लिखिए:
वे एक मूक प्रतिनिधि नहीं बन सकती थीं।
Chapter:
निर्देशानुसार ‘अलंकार’ पर आधारित प्रश्न की रेखांकित काव्य-पंक्ति में अलंकार पहचानकर लिखिए:
उस काल मारे क्रोध के तन काँपने उसका लगा।
मानो हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा।
Chapter:
निर्देशानुसार ‘अलंकार’ पर आधारित प्रश्न की रेखांकित काव्य-पंक्ति में अलंकार पहचानकर लिखिए:
मेघ आए बन-ठन के सँवर के
आगे-आगे नाचती-गाती बयार चली।
Chapter:
निर्देशानुसार ‘अलंकार’ पर आधारित प्रश्न की रेखांकित काव्य-पंक्ति में अलंकार पहचानकर लिखिए:
मुख बाल रवि सम लाल होकर
ज्वाला-सा बोधित हुआ।
Chapter:
निर्देशानुसार ‘अलंकार’ पर आधारित प्रश्न की रेखांकित काव्य-पंक्ति में अलंकार पहचानकर लिखिए:
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो,
वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु, किरपा कर अपनायो।
Chapter:
निर्देशानुसार ‘अलंकार’ पर आधारित प्रश्न का उत्तर लिखिए:
‘अतिशयोक्ति अलंकार’ का उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
|
लखन कहा हसि हमरे जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।। |
(i) परशुराम ने अपना परिचय क्या कहकर दिया?
- मैं क्षत्रिय कुल का प्रसिद्ध संरक्षक हूँ।
- मैं अत्यंत उग्र स्वभाव का हूँ।
- मैं सहसबाहु का संरक्षक हूँ।
- मैं ब्राह्मण कुल का संहारक हूँ।
(ii) पद्यांश में ‘जड़’ का अर्थ है:
- मूल
- स्रोत
- नींव
- मूर्ख
(iii) लक्ष्मण की वाणी कैसी थी?
- व्यंग्यपूर्ण - भयपूर्ण
- गंभीर - भयपूर्ण
- व्यंग्यपूर्ण - भयरहित
- भयपूर्ण - हास्यपूरित
(iv) पद्यांश में बाल ब्रह्मचारी किसे कहा गया है?
- परशुराम को
- लक्ष्मण को
- रघुपति को
- महिदेव को
(v) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सही विकल्प चुनकर लिखिए:
कथन: लक्ष्मण का परशुराम के प्रति व्यवहार कोमलता से भरा और विनम्र था।
कारण: लक्ष्मण परशुराम के विचार, आचार और व्यक्तित्व से अत्यंत प्रभावित थे।
- कथन गलत है किंतु कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
- कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
Chapter:
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
‘संगतकार’ कविता से उद्धृत पंक्ति “वह आवाज़ सुंदर काँपती हुई थी” में कवि ने संगतकार की आवाज़ सुंदर किंतु काँपती हुई-सी क्यों कहा है?
Chapter:
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
‘अट नहीं रही है’ कविता का कोई अन्य शीर्षक दीजिए तथा उसका कारण भी स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
कवि ने ‘फसल’ को पानी का जादू क्यों कहा है?
Chapter:
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
‘आत्मकथ्य’ कविता में कवि न तो अपने जीवन के दुःख और विफलताओं से दूसरों को परिचित कराना चाहता है और न ही अपनी सुखद स्मृतियों को किसी के साथ साझा करना चाहता है। कवि की इस सोच के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
| काशी संस्कृति की पाठशाला है। शास्त्रों में आनंदकानन के नाम से प्रतिष्ठित। काशी में कलाधर हनुमान व नृत्य विश्वनाथ हैं। काशी में बिस्मिल्ला खाँ हैं। काशी में हज़ारों सालों का इतिहास है जिसमें पंडित कंठे महाराज हैं, विद्याधरी हैं, बड़े रामदास जी हैं, मौजुद्दीन खाँ हैं व इन रसिकों से उपकृत होने वाला अपार जन-समूह है। यह एक अलग काशी है जिसकी अलग तहज़ीब है, अपनी बोली और अपने विशिष्ट लोग हैं। इनके अपने उत्सव हैं, अपना गम। अपना सेहरा बन्ना और अपना नौहा। आप यहाँ संगीत को भक्ति से, भक्ति को किसी भी धर्म के कलाकार से, कजरी को चैती से, विश्वनाथ को विशालाक्षी से, बिस्मिल्ला खाँ को गंगाद्वार से अलग करके नहीं देख सकते। |
(i) काशी में हनुमान की उपासना किस रूप में होती है?
- कलाओं के स्वामी के रूप में।
- नृत्य के जनक के रूप में।
- शिव के अवतार के रूप में।
- एक अच्छे कलाकार के रूप में।
(ii) गद्यांश के अंतिम वाक्य में काशी की किस विशेषता का उल्लेख किया गया है?
- समन्वयात्मकता
- संगीतात्मकता
- भव्यता
- सहृदयता
(iii) इस गद्यांश का उद्देश्य है:
- काशी के संगीतकारों का परिचय देना।
- विभिन्न राग रागिनियों का परिचय देना।
- काशी की सांस्कृतिक परंपरा का परिचय देना।
- बिस्मिल्ला खाँ के धार्मिक सौहार्द्र का परिचय देना।
(iv) काशी को ‘संस्कृति की पाठशाला’ क्यों कहा गया है?
- यहाँ के शिक्षण संस्थान शास्त्रीय गायन को बहुत प्रोत्साहित करते हैं।
- यहाँ के प्रत्येक शिक्षण संस्थान में ‘संस्कृति’, विषय के रूप में पढ़ाया जाता है।
- यहाँ के प्रत्येक शिक्षण संस्थान में ‘संस्कृत’ अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाता है।
- यहाँ सर्वत्र भारतीय संस्कृति की छाप देखी जा सकती है।
(v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए:
कथन: संगीत और संगीत-प्रेम काशी की पहचान है।
कारण: काशी को उसकी ऐसी पहचान देने में सिर्फ बिस्मिल्ला खाँ का ही योगदान है।
- कथन गलत है किंतु कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं।
- कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
- कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं।
Chapter:
निर्धारित गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक का नवाब साहब के प्रति आरंभ से अंत तक व्यवहार अकड़ से भरा क्यों रहा?
Chapter:
निर्धारित गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
“अपनी जिंदगी खुद जीने के इस आधुनिक दबाव ने महानगरों के फ्लैट में रहने वालों को हमारे इस परंपरागत पड़ोस कल्चर से विछिन्न करके हमें कितना संकुचित, असहाय और असुरक्षित बना दिया है।” - ‘एक कहानी यह भी’ से उद्धृत इस कथन में लेखिका ने किस ‘पड़ोस कल्चर’ का उल्लेख किया है?
Chapter:
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निर्धारित गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
हालदार साहब का हर बार कस्बे से गुजरते हुए मूर्ति के पास रुकना क्या दर्शाता है? ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ के संदर्भ में लिखिए।
Chapter:
निर्धारित गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
पुत्र की मृत्यु पर बालगोबिन भगत के शोक मनाने का तरीका सामान्य लोगों के तरीके से सर्वथा अलग कैसे था? स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
पूरक पाठ्यपुस्तक के निर्धारित पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50–60 शब्दों में लिखिए:
भोलानाथ और उसके साथी खेल-खेल में चिड़ियों-चूहों आदि को तंग किया करते थे। क्या उनका ऐसा करना उचित था? ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर तर्कसम्मत उत्तर दीजिए।
Chapter:
पूरक पाठ्यपुस्तक के निर्धारित पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50–60 शब्दों में लिखिए:
‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ में लेखक ने विज्ञान के विनाशकारी रूप को विशेषकर उजागर किया है। क्या आप लेखक की दृष्टि से सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
पूरक पाठ्यपुस्तक के निर्धारित पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50–60 शब्दों में लिखिए:
गंगटॉक के वर्तमान सुंदर स्वरूप में वहाँ के निवासियों का क्या योगदान है? ‘साना-साना हाथ जोड़ि...’ के आधार पर लिखिए।
Chapter:
ऊर्जा संरक्षण हेतु जागरूकता फैलाने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जनहित में जारी एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 40 शब्दों में तैयार कीजिए।
Chapter:
आपकी बड़ी बहन की पदोन्नति कैप्टन से मेजर के रूप में हुई है। उन्हें बधाई देते हुए लगभग 40 शब्दों में संदेश लिखिए।
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:
जलवायु परिवर्तन: गहराता संकट
संकेत बिंदुः
- जलवायु परिवर्तन क्या है?
- जलवायु परिवर्तन के कारण
- समस्या एवं समाधान
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:
नारी सशक्तीकरण
संकेत बिंदु:
- नारी सशक्तिकरण का अर्थ
- वर्तमान में इसकी आवश्यकता क्यों?
- भारत में स्थिति एवं सुझाव
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:
नैतिक शिक्षाः आज की आवश्यकता
संकेत बिंदु:
- नैतिक शिक्षा का अर्थ
- वर्तमान में इसकी आवश्यकता क्यों?
- प्रभाव एवं सुझाव
Chapter:
आप रंजना/राजन हैं। संयमित और स्वस्थ जीवन शैली का महत्व बताते हुए छोटे भाई को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
Chapter:
आपके पिताजी का स्थानांतरण दूसरे शहर में हो गया है। नए विद्यालय में प्रवेश हेतु आपको चरित्र प्रमाण-पत्र की आवश्यकता है। इस हेतु अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए। आपका नाम रंजना/राजन है।
Chapter:
आप नीलाक्षी/नीलकांत हैं। स्थानीय शॉपिंग सेंटर में कंप्यूटर ऑपरेटर का पद रिक्त है और आप स्वयं को उस पद के योग्य मानते हैं।
उपर्युक्त पद हेतु आवेदन करने के लिए लगभग 80 शब्दों में अपना एक स्ववृत्त तैयार कीजिए।
Chapter:
आप नीलाक्षी/नीलकांत हैं। आपके पिताजी का पैन कार्ड कहीं खो गया है। इस संबंध में आयकर अधिकारी को अपने पिताजी की ओर से लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए।
Chapter:
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