Advertisements
Advertisements
प्रश्न
विशेषण-विशेष्य-सम्बन्धः।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| पादतलौ | सतेजः |
| अभ्यासः | मलिनम् |
| मनः | आर्द्रौ |
| शरीरम् | उत्तमः |
Advertisements
उत्तर
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| पादतलौ | आर्द्रौ |
| अभ्यासः | उत्तमः |
| मनः | मलिनम् |
| शरीरम् | सतेजः |
संबंधित प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्या = ______
सन्धिं कुरुत।
किम् + नु = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
वर्धत एव = ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
व्ययः × ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
वृक्षाः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
शरीरम् - ............।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सर्वास्तत्र - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विश्वम् + अम्भसा = ______।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कदापि - ______
सूचनानुसारं परिवर्तनं कुरुत।
वयं प्रतिदिनं प्रयतामहे। (एकवचनं कुरुत)
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
छात्राः अमरकोषं कण्ठस्थं कुर्वन्ति स्म। ('स्म' निष्कासयत)
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
वयमपि अमरकोषं कण्ठस्थं कुर्याम। (एकवचनं कुरुत।)
समानार्थकशब्दं लिखत।
राक्षसः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
सरसः - ______
विशेषण-विशेष्य-अन्वितिं पूरयत।
| विशेषणम् | विशेष्यम् |
| ______ | पुत्रः |
| लिखितम् | ______ |
क्रमानुसारं सचयत।
अ) त्रि-अक्षरयुक्ते शब्दे 'य' मध्ये तिष्ठति।
आ) शब्दस्य आरम्भे 'न' विद्यते।
इ) शब्दस्य अन्ते अपि 'न' विद्यते।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक -शब्दैः पुनः लिखत।
हरिणः शष्पाणि भक्षयति तथापि व्याधः तस्य शत्रुः भवति।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
स्वभावकृपणः अजाद्वयं क्रेष्यति।
समानार्थकशब्दं लिखत।
कृपणः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
अश्वः - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
व्याधेन क्रौञ्चः बाणेन विद्धः।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
अगस्त्यः = ______
विशेषण-विशेष्य-मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| सहचरः | पोषितौ |
| विलापः | अश्रुतपूर्वा |
| कुशलवौ | करुणः |
| वाणी | निश्चेष्टः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + उत्साहः = वधूत्साहः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
पितृ + ______ = पितृतम्।
भवान्/ भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् अत्र उपविशतु।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
तौ + ______ = तावपि।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
______ + एतद् = नैतद्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
तव + ______ = तवौदार्यम्।
यणसन्धिः।
ऋ/ॠ + विजातीयः स्वरः = र्।
मातृ + ______ = मात्रिच्छा।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
सिंहः तं हतवान्।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
एताः अदय क्रीडितवन्तः।
लङ्लकारस्य स्थाने क्तवतु-रूपाणि योजयित्वा परिच्छेदं लिखत।
गते रविवासरे वयं सर्वे भ्रमणार्थम् अगच्छाम। मातुलः विविधफलानि आनयत्। भ्रातरः क्रीडासाहित्यं समचिन्वन्। पितृव्या कूप्यः अपूरयत। अन्ये यानेन अगच्छन्। अहं मम पित्रा सह द्विचक्रिकया अगच्छम्।तत्र वयं विविधाः क्रीडाः अक्रीडाम। मातुलानी मधुरं गीतम् अगायत्। भगिन्यः अपि बहूनि गीतानि अगायन्। मध्याहे माता कटम् अस्थापयत् भोजनसाहित्यं च अरचयत।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
तस्मै ______ नमः। (गुरु)
योग्यरूपं योजयत।
नारदः ______ शरणं गच्छति। (विष्णु)
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
योग्यरूपं योजयत।
हिमालयस्य ______ हिमाच्छादितानि। (सानु)
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
गर्दभः ______ (गै) आरभत रात्रौ।
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
धनं ______ (लभ्) सोमदत्तः महानगरम् असरत्।
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
प्रश्नं ______ (प्रच्छ्) सः धैर्येण अग्रे आगच्छत्।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
यः गणपतिस्तोत्रं जपेत् सः षडभिः मासैः फलं लभेत।
रूपाभ्यासं कुरुत।
विन्देमहि
योग्यं रूपं लिखत।
राजा नाम ______ (क्ष्माभृत्)।
योग्यं रूपं लिखत।
______ (सरित्) जलं शीतलम्।
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
आढ्य - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
गत - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
प्रिय - ______
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
अहं चित्राणि ______। (दृश्)
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | भवतीभ्यः | चतुर्थी |
| ______ | इमे | इमानि | प्रथमा |
लकार-तालिकां पूरयत।
लट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| वन्दते | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | नृत्यावहे | ______ | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कथयथ | मध्यमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
न + ______ = नास्ति।
सन्धिकोषः।
जनसङ्गश = ______ + च।
सन्धिकोषः।
किञ्चिदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
______ = बाल्यात् + एव।
सन्धिकोषः।
______ = पणिभिः + यद्।
सन्धिकोषः।
तन्न = ______ + न।
सन्धिकोषः।
गमनमारभे = गमनम् + ______।
सन्धिकोषः।
किञ्चित् = ______ + चित्।
सन्धिकोषः।
______ = विपरीताः + चेत्।
सन्धिकोषः।
पराभवमाप्नोति = ______ + आप्नोति।
सन्धिकोषः।
यत्परिपूर्णोऽयम् = यत् + ______ + अयम्।
सन्धिकोषः।
ततस्तेन = ______ + तेन।
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
सन्धिकोषः।
चिन्तामसम्भाव्याम् = चिन्ताम् + ______।
सन्धिकोषः।
त्रयीविद्यामपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
मणिर्न = ______ + न।
सन्धिकोषः।
______ = अन्यः + च।
'सर्व' नपुंसकलिङ्गं सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
'इदम्' सर्वनाम पुंलिङ्गम्।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अयम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| इमम्/एनम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| अनेन /एनेन | ______ | ______ | तृतीया |
| अस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| अस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| अस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
उभयतः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
सह = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कृते = ______
