Advertisements
Advertisements
प्रश्न
रूपाभ्यासं कुरुत।
शिक्षेत
Advertisements
उत्तर
| रूपम् | धातुः, गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| शिक्षेत | शिक्ष् (१ आ.प.) | विधिलिङ्लकारः | प्रथमः | एकवचनम् |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
विरुद्धार्थकशब्द लिखत।
अधिकम् × ______
एकवचने परिवर्तयत।
वृक्षाः फलन्ति।
एकवचने परिवर्तयत।
नद्यः वहन्ति।
सन्धिविग्रह कुरुत।
नार्यस्तु = ______
सन्धिविग्रह कुरुत।
यत्रैताः - ______
एकवचने परिवर्तयत।
नार्यः पूज्यन्ते।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विश्वम् + अम्भसा = ______।
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
अम्भः
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इतोऽपि = ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
पवित्रम् × ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
शुष्कम् × ______
सन्धिं कुरुत।
तव + अपि (अ + अ) = ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
कश्चित् धनिकः स्वकन्यां मह्यं दास्यति। (लट्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
बालकस्य सोमशर्मा इति नाम करिष्यामि। (कर्तृपदस्थाने 'सः' योजयत।)
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
सः पत्रं (लिख्) लेखनीं स्वीकरोति।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + आस्ताम् = सुहदावास्ताम्।
कुशलः वैमानिकः।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| कुशलः वैमानिकः | कुशलौ ______ | ______ वैमानिकाः | प्रथमा |
| ______ वैमानिकम् | ______ वैमानिकौ | कुशलान् ______ | द्वितीया |
| कुशलेन ______ | कुशलाभ्यां ______ | ______ वैमानिकैः | तृतीया |
| ______ वैमानिकाय | ______ वैमानिकाभ्यां | कुशलेभ्यः ______ | चतुर्थी |
| कुशलात् ______ | कुशलाभ्यां ______ | ______ वैमानिकेभ्यः | पञ्चमी |
| ______ वैमानिकस्य | ______ वैमानिकयोः | कुशलानां ______ | षष्ठी |
| कुशले ______ | ______ वैमानिकयोः | ______ वैमानिकेषु | सप्तमी |
| कुशल ______ | ______ वैमानिकौ | कुशलाः ______ | सम्बोधनम् |
चतुर्थं पदं लिखत।
अम्बु - अम्बूनि :: वस्तु - ______।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
हे राधिके, फलानि गणय।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
आरोग्यं भास्करात् इच्छेत्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
रचयेम
समस्तपदं लिखत।
ग्रामं गतः - ______
समस्तपदं लिखत।
हस्तेन लिखितम् - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
गत - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
अर्थम् - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
जनैः पूजा ______। (कृ)
लकार-तालिकां पूरयत।
लिङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | रक्षेतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | विद्येमहि | उत्तमपुरुषः | |
| भवेत् | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः |
सन्धिकोषः।
पश्चिमतानमाहुः = पश्चिमतानम् + ______।
सन्धिकोषः।
जानोर्महिर्वेष्टितवामपाद्म् = जानोः + बहिः + ______।
सन्धिकोषः।
जनसङ्गश = ______ + च।
सन्धिकोषः।
त्समास = त्वम् + ______।
सन्धिकोषः।
ज्ञानिनामपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
किञ्चित् = ______ + चित्।
सन्धिकोषः।
करोत्यपहन्ति = ______ + अपहन्ति।
सन्धिकोषः।
त्वमगमः = ______ + अगमः।
'सर्व' नपुंसकलिङ्गं सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
दा-यच्छ् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
रुच् = ______
