Advertisements
Advertisements
प्रश्न
वैज्ञानिक कारण लिखिए।
हरी परत जमे हुए तांबे के बर्तन साफ करने के लिए नींबू या इमली का उपयोग करते हैं।
Advertisements
उत्तर
- तांबा, आर्द्र (नमीयुक्त) हवा की आक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके कापर आक्साइड निर्मित करता है। यही कापर आक्साइड हवा की कार्बन डाइआक्साइड के साथ अभिक्रिया करके तांबे के पृष्ठभाग पर कापर कार्बोनेट की हरी परत के रूप में जमा हो जाता है, जिसके कारण तांबे की चमक मंद पड़ जाती है और वह मलिन हो जाती है।
- नीबू के रस तथा इमली दोनों में अम्लीयता पाई जाती है। भास्मिक गुणधर्मी होने के कारण कापर कार्बोनेट की हरी परत नीबू के रस अथवा इमली के गूदे में घुल जाती है, जिससे बरतन स्वच्छ होकर पुनः चमकने लगता है। इसीलिए तांबे के मलिन बरतनों को नीबू के रस या इमली (के गूदे) से स्वच्छ करते हैं।
संबंधित प्रश्न
उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं?
धातुएँ सामान्यतः अम्लों से क्रिया कर लवण तथा हाइड्रोजन गैस देती है। निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल धातुओं (Mn तथा Mg के अतिरिक्त) से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस नहीं देता है?
निम्नलिखित में से कौन-सी धातुएँ गलित अवस्था में उनको क्लोराइडों के विदयुत अपघटन से प्राप्त होती है?
- Na
- Ca
- Fe
- Cu
जिंक के विदयुत परिष्करण के दौरान यह ______
विद्युत तारों पर विद्युतरोधी पदार्थ की एक परत होती है। सामान्यतः उपयोग में लिये जाने वाला यह पदार्थ है ______
निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत अपघटनी परिष्करण की सही व्याख्या करता है?
एक धातु जो कि कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में रहती हैको उसके सल्फाइड से वायु की उपस्थिति में गरम कर प्राप्त किया जाता हैधातु तथा उसके अयस्क को पहचानिए तथा संबंधित रासायनिक अभिक्रिया दीजिए।
एक तत्व एक ऑक्साइड A2O3 बनाता है, जो कि अम्लीय प्रकृति का है। धातु अथवा अधातु के रूप में A को पहचानिए।
CuSO4 के विलयन को आयरन के पात्र में रखा गया। कुछ दिनों के पश्चात् आयरन के पात्र में बहुत से छिद्र पाये गए। अभिक्रियाशीलता के संदर्भ में कारण समझाइये। संबंधित से अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।
कम तथा मध्यम क्रियाशीलता वाले धातुओं को उनके संगत सल्फाइड अयस्कों द्वारा निष्कर्षण से संबंधित पद दीजिए।
