Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कम तथा मध्यम क्रियाशीलता वाले धातुओं को उनके संगत सल्फाइड अयस्कों द्वारा निष्कर्षण से संबंधित पद दीजिए।
Advertisements
उत्तर
सल्फाइड अयस्कों से धातुओं के निष्कर्षण में, अयस्क को पहले भूनने की प्रक्रिया के अधीन किया जाता है जिसमें सल्फाइड अयस्क को उसके पिघलने बिंदु के नीचे हवा की उपस्थिति में गर्म किया जाता है ताकि इसे ऑक्साइड के रूप में परिवर्तित किया जा सके।
उदाहरण के लिए, हवा में गर्म किया गया सिनाबार मर्क्यूरिक सल्फाइड को मरक्यूरिक ऑक्साइड बनाने के लिए ऑक्सीकृत करता है।
`2"HgS" + 3"O"_2 -> 2"HgO" + 2"SO"_2`
शुद्ध पारा प्राप्त करने के लिए मर्क्यूरिक ऑक्साइड को गर्म करके और कम किया जाता है।
`2"HgO" -> 2"Hg" + "O"_2`
जिंक के मामले में जो मध्यम प्रतिक्रियाशीलता वाली धातु है और इसका अयस्क जिंक मिश्रण है।
जिंक ऑक्साइड प्राप्त करने के लिए जिंक मिश्रण को भूना जाता है।
`2"Zns" + 3"O"_2 -> 2"ZnO" + 2"SO"_2`
जब जिंक ऑक्साइड कोक की उपस्थिति में अपचयित होता है, तो शुद्ध जिंक धातु प्राप्त होती है।
`"ZnO" + "C" -> "Zn" + "CO"`
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
धातुएँ सामान्यतः अम्लों से क्रिया कर लवण तथा हाइड्रोजन गैस देती है। निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल धातुओं (Mn तथा Mg के अतिरिक्त) से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस नहीं देता है?
निम्नलिखित चार धातुओं में से कौन-सी उसके लवण के विलयन से अन्य तीन धातुओं द्वारा विस्थापित की जा सकती है?
विद्युत तारों पर विद्युतरोधी पदार्थ की एक परत होती है। सामान्यतः उपयोग में लिये जाने वाला यह पदार्थ है ______
निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत अपघटनी परिष्करण की सही व्याख्या करता है?
धातुओं के निष्कर्षण के प्रक्रम में धातु सल्फाइडों तथा धातु कार्बोनेटों को धातु ऑक्साइडों में परिवर्तित क्यों करना चाहिए?
क्या होता है? जब,
- ZnCO3 को ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में गरम किया जाता है?
- Cu2O तथा Cu2S के मिश्रण को गरम किया जाता है?
ऊष्मा के दो उत्तम चालकों और दो दुर्बल चालकों के उदाहरण दीजिए।
CuSO4 के विलयन को आयरन के पात्र में रखा गया। कुछ दिनों के पश्चात् आयरन के पात्र में बहुत से छिद्र पाये गए। अभिक्रियाशीलता के संदर्भ में कारण समझाइये। संबंधित से अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।
निम्नलिखित को समझाइए-
- AI को यदि HNO3 में डुबोया जाता है तो उसकी अभिक्रियाशीलता कम होती है।
- Na अथवा Mg के ऑक्साइडों को कार्बन अपचयित नहीं कर सकता है।
- NaCl ठोस अवस्था में विद्युत का चालक नहीं है जबकि यह जलीय विलयन तथा गलित अवस्था में विद्युत का संचलन करता है।
- आयरन की वस्तुओं को गैल्वेनीकृत किया जाता है।
- धातुएँ जैसे Na, K, Ca तथा Mg प्रकृति में कभी भी मुक्त अवस्था में नहीं पाई जाती हैं।
दो उभयधर्मी ऑक्साइडों के उदाहरण दीजिए।
