हिंदी

सोचो- अगर लड़कियों के लिए बनाए गए नियम, लड़कों पर और लड़कों के लिए बनाए गए नियम लड़कियों पर लागू हों, तो क्या होगा?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सोचो- अगर लड़कियों के लिए बनाए गए नियम, लड़कों पर और लड़कों के लिए बनाए गए नियम लड़कियों पर लागू हों, तो क्या होगा?

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

इससे सभी को परेशानी होगी।

shaalaa.com
दुनिया मेरे घर में
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 22: दुनिया मेरे घर में - अलग क्यों? [पृष्ठ १८१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
अध्याय 22 दुनिया मेरे घर में
अलग क्यों? | Q 3 | पृष्ठ १८१

संबंधित प्रश्न

अक्षय उलझन में क्यों पड़ गया?


अक्षय की दादी-माँ ने उसे अनिल के घर का पानी तक पीने के लिए मना क्यों किया होगा?


क्या तुम अक्षय की दादी-माँ से सहमत हो?


तुम धोंडू की जगह होते तो क्या करते?


क्या तुम्हारे साथ कभी ऐसा हुआ है कि तुम कुछ करना चाहते हो, पर घर के बड़ों ने मना किया हो?


क्या तुम्हें भी कभी किसी का छूना बुरा लगा है?


किसका छूना तुम्हें अच्छा नहीं लगा?


मीना और रितु स्टापू खेल कर घर लौट रहे थे। “चलो न, मेरे घर चलो,” मीना ने रितु को खींचते हुए कहा।
“तुम्हारे मामा तो घर पर नहीं होंगे? अगर वे होंगे, तो मैं नहीं आऊँगी,” रितु ने जवाब दिया।
“पर क्यों? मामा को तो तुम अच्छी लगती हो। कह रहे थे – अपनी सहेली रितु को घर लाना। मैं दोनों को खूब सारी चॉकलेट खिलाऊँगा।”
रितु ने मीना से अपना हाथ छुड़ाया और बोली, “तुम्हारे मामा से मुझे डर लगता है। हाथ भी पकड़ते हैं, तो मुझे अच्छा नहीं लगता।” यह कहकर रितु अपने घर चली गई।

ऐसा होने पर और क्या किया जा सकता है?


अगर तुम रितु की जगह होते, तो क्या करते?


सभी का छूना एक जैसा नहीं होता। जब मीना के मामा रितु का हाथ पकड़ते थे, तब उसे अच्छा नहीं लगता था, लेकिन उसे मीना का हाथ पकड़ना अच्छा लगता था। सोच कर बताओ, ऐसा अंतर क्यों था?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×