हिंदी

तुम धोंडू की जगह होते तो क्या करते?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

तुम धोंडू की जगह होते तो क्या करते?

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

अगर मैं धोंडू की जगह होता तो बड़े चाचा से बात करके अपनी इच्छा पूरी करता।

shaalaa.com
दुनिया मेरे घर में
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 22: दुनिया मेरे घर में - किसका फ़ैसला? [पृष्ठ १८४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
अध्याय 22 दुनिया मेरे घर में
किसका फ़ैसला? | Q 1 | पृष्ठ १८४

संबंधित प्रश्न

शाम के सात बजे हैं। प्रतिभा अपनी सहेली के घर से भागी-भागी अपने घर जा रही है। नुक्कड़ पर उसके भाई संदीप और संजय दोस्तों के साथ खेलने में लगे हैं। उन्हें घर पहुँचने की कोई जल्दी नहीं है। उन्हें दे से घर पहुँचने पर कोई नहीं टोकता।

प्रतिभा को यह बात ठीक नहीं लगती। उस के लिए एक नियम और उसके भाइयों के लिए दूसरा। पर वह क्या करे?

क्या तुम्हारे या किसी दोस्त के परिवार में ऐसी बातें होती हैं? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?


क्या लड़का-लड़की और आदमी-औरत के लिए अलग-अलग नियम होने चाहिएँ?


तुम्हें क्या लगता है, अक्षय क्या करेगा?


अक्षय उलझन में क्यों पड़ गया?


अक्षय की दादी-माँ ने उसे अनिल के घर का पानी तक पीने के लिए मना क्यों किया होगा?


तुम्हारी राय में अक्षय को क्या करना चाहिए?


क्या तुम्हारे साथ कभी ऐसा हुआ है कि तुम कुछ करना चाहते हो, पर घर के बड़ों ने मना किया हो?


क्या तुम्हें भी कभी किसी का छूना बुरा लगा है?


किसका छूना तुम्हें अच्छा नहीं लगा?


मीना और रितु स्टापू खेल कर घर लौट रहे थे। “चलो न, मेरे घर चलो,” मीना ने रितु को खींचते हुए कहा।
“तुम्हारे मामा तो घर पर नहीं होंगे? अगर वे होंगे, तो मैं नहीं आऊँगी,” रितु ने जवाब दिया।
“पर क्यों? मामा को तो तुम अच्छी लगती हो। कह रहे थे – अपनी सहेली रितु को घर लाना। मैं दोनों को खूब सारी चॉकलेट खिलाऊँगा।”
रितु ने मीना से अपना हाथ छुड़ाया और बोली, “तुम्हारे मामा से मुझे डर लगता है। हाथ भी पकड़ते हैं, तो मुझे अच्छा नहीं लगता।” यह कहकर रितु अपने घर चली गई।

ऐसा होने पर और क्या किया जा सकता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×