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शाम के सात बजे हैं। प्रतिभा अपनी सहेली के घर से भागी-भागी अपने घर जा रही है। नुक्कड़ पर उसके भाई संदीप और संजय दोस्तों के साथ खेलने में लगे हैं।

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प्रश्न

शाम के सात बजे हैं। प्रतिभा अपनी सहेली के घर से भागी-भागी अपने घर जा रही है। नुक्कड़ पर उसके भाई संदीप और संजय दोस्तों के साथ खेलने में लगे हैं। उन्हें घर पहुँचने की कोई जल्दी नहीं है। उन्हें दे से घर पहुँचने पर कोई नहीं टोकता।

प्रतिभा को यह बात ठीक नहीं लगती। उस के लिए एक नियम और उसके भाइयों के लिए दूसरा। पर वह क्या करे?

क्या तुम्हारे या किसी दोस्त के परिवार में ऐसी बातें होती हैं? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

नहीं, मेरे या मेरे किसी दोस्त के परिवार में ऐसी बातें नहीं होती हैं। मैं सोचता हूँ कि किसी के यहाँ भी ऐसा नहीं होना चाहिए।

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दुनिया मेरे घर में
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अध्याय 22: दुनिया मेरे घर में - अलग क्यों? [पृष्ठ १८०]

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एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
अध्याय 22 दुनिया मेरे घर में
अलग क्यों? | Q 1 | पृष्ठ १८०

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