Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या तुम्हारे साथ कभी ऐसा हुआ है कि तुम कुछ करना चाहते हो, पर घर के बड़ों ने मना किया हो?
Advertisements
उत्तर
हाँ, एक बार मैं किसी दूर स्थान पर एक प्रतियोगिता में भाग लेना चाहता था लेकिन मेरे पिता ने मुझे ऐसा करने की अनुमति नहीं दी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
क्या तुम्हारे घर में भी पंखा, टी.वी., समाचारपत्र, कुर्सी या किसी और चीज़ को लेकर झगड़े होते हैं?
- तुम्हारे घर के ऐसे झगड़े कौन सुलझाता है?
- अपने घर के ऐसे झगड़ों के बारे में कोई मज़ेदार किस्सा सुनाओ।
- क्या तुमने कहीं और एक ही चीज़ के लिए लोगों को आपस में झगड़ते देखा है? किस बात पर?
सोचो- अगर लड़कियों के लिए बनाए गए नियम, लड़कों पर और लड़कों के लिए बनाए गए नियम लड़कियों पर लागू हों, तो क्या होगा?
क्या तुम किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हो, जो अक्षय की दादी-माँ की तरह ही सोचते हैं?
तुम्हारी राय में अक्षय को क्या करना चाहिए?
तुम्हारे घर में ज़रूरी फ़ैसले कौन लेता है? तुम्हें इस बारे में क्या लगता है?
अगर तुम्हारे परिवार में या रिश्तेदारी में हमेशा एक ही व्यक्ति अपनी बात मनवाता रहे, तो तुम्हें कैसा लगेगा?
क्या तुम्हें भी कभी किसी का छूना बुरा लगा है?
किसका छूना तुम्हें अच्छा नहीं लगा?
|
मीना और रितु स्टापू खेल कर घर लौट रहे थे। “चलो न, मेरे घर चलो,” मीना ने रितु को खींचते हुए कहा।
“तुम्हारे मामा तो घर पर नहीं होंगे? अगर वे होंगे, तो मैं नहीं आऊँगी,” रितु ने जवाब दिया।
“पर क्यों? मामा को तो तुम अच्छी लगती हो। कह रहे थे – अपनी सहेली रितु को घर लाना। मैं दोनों को खूब सारी चॉकलेट खिलाऊँगा।”
रितु ने मीना से अपना हाथ छुड़ाया और बोली, “तुम्हारे मामा से मुझे डर लगता है। हाथ भी पकड़ते हैं, तो मुझे अच्छा नहीं लगता।” यह कहकर रितु अपने घर चली गई।
|
ऐसा होने पर और क्या किया जा सकता है?
अगर तुम रितु की जगह होते, तो क्या करते?


