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संजाल पूर्ण करो : अश्वत्‍थामा के अनुसार नये अर्थ में व्यक्‍ति

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प्रश्न

संजाल पूर्ण करो :

सारिणी
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उत्तर

अश्वत्‍थामा के अनुसार नये अर्थ में व्यक्‍ति

१. विकृत

२. अर्द्धबर्बर

३. आत्मघाती

४. अनास्थामय

shaalaa.com
पद्य (8th Standard)
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अध्याय 2.6: अंधायुग - सूचना के अनुसार कृतियाँ करो [पृष्ठ ४१]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 2.6 अंधायुग
सूचना के अनुसार कृतियाँ करो | Q (२) | पृष्ठ ४१

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कृति पूर्ण करो:

मातृभूमि की विशेषताएँ

  1. ______
  2. ______
  3. ______
  4. ______

एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो:

कवि की जिह्‌वा पर इसके गीत हों −


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

मातृभूमि के चरणों में इसे नवाना है - ______


कविता की पंक्‍तियाँ पूर्ण करो :

सेवा में तेरी ____________;
__________________ ।।
__________________ ।
बलिदान मैं जाऊँ ।।


कृति पूर्ण करो :


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

पत्‍ते झरा हुआ वृक्ष - ______


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

बदले-से लगते हैं - ______


कविता में इस अर्थ में आए शब्‍द लिखो :

बलराम


उत्‍तर लिखो :

मेधा की ऊँचाई नापेगा 


कृति पूर्ण करो :

इन बातों में अलग होकर भी हम सब एक हैं -

  • ______
  • ______

कृति पूर्ण करो :

बगिया की शान -

  • ______
  • ______

कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो :

दीपक


कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो:

तिरस्‍कार


कविता (सौहार्द-सौमनस्‍य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो :

प्रेम


कविता (सौहार्द-सौमनस्‍य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो :

पुष्‍प


कृति करो :


कृति करो :

 


अंतिम चार पंक्‍तियों का अर्थ लिखो।

चख-चख जीवन मधुरस प्रतिक्षण
विपुल मनोवैभव कर संचित,
जन मधुकर अनुभूति द्रवित जब
करते भव मधु छत्र विनिर्मित
नहीं प्रार्थना इससे शुचितर !


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