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पढ़ो और समझो सिखाना - पढ़ाना ठीक - गलत सहेली - सखी कल - आज व्यायाम - कसरत सुबह - शाम को मस्तिष्क - दिमाग जाना - आना

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प्रश्न

पढ़ो और समझो

सिखाना - पढ़ाना    ठीक - गलत   
सहेली - सखी कल - आज
व्यायाम - कसरत सुबह - शाम को
मस्तिष्क - दिमाग जाना - आना
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उत्तर

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बातचीत
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अध्याय 15: बातचीत - अभ्यास [पृष्ठ ८१]

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एनसीईआरटी Hindi - Durva Part 1 Class 6
अध्याय 15 बातचीत
अभ्यास | Q 2. (ख) | पृष्ठ ८१

संबंधित प्रश्न

आकृति पूर्ण कीजिए :


एक-दो शब्‍दों में उत्‍तर लिखिए :

शिवानी का वास्‍तविक नाम - ______ 


एक-दो शब्‍दों में उत्‍तर लिखिए :

शिवानी की माता जी इन भाषाओं की विदुषी थीं - ______ 


एक-दो शब्‍दों में उत्‍तर लिखिए :

शिवानी की प्रिय रचना - ______ 


जोड़ियाँ मिलाइए :

उत्‍तर
धर्मयुग ______ मारिचिका
सोनार बाँग्‍ला ______ अंग्रेजी लेख
एशिया ______ पहली रचना
नटखट ______ मैं मुर्गा हूँ

कारण लिखिए :

शिवानी जी लेखिका बन गईं ______ 


लिखिए :

 


‘परिवेश का प्रभाव व्यक्‍तित्‍व पर होता है’ आपके विचार लिखिए।


कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो। स्त्रीलिंग:

हम हिंदी ______ (पढ़)


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।

शीला गाना गाती है।(नाचना)


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।

माताजी जी रोज़ दूध पीती हैं। (चाय)


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।

वे बच्चे शाम को खेलते हैं। (पढ़ना)


तुम्हारा विद्यालय कहाँ है?


शोभा कौन-से खेल खेलती है? 


अंत्याक्षरी खेलना क्यों चाहता है? 


निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

शिवानी : मेरे लिए यह कहना कठिन है कि मेरी कौन-सी रचना सर्वोत्तम है। जिस तरह किसी माँ के लिए उसके बच्चे समान रूप से प्रिय होते हैं, उसी प्रकार मुझे अपनी सभी कृतियाँ 'एक-सी प्रिय हैं। बैसे पाठकों ने अभी तक जिस कृति को सर्वाधिक सराहा है, वह है -' कृष्णकली '। फिर भी यदि आप प्रिय रचना कहकर मुझसे जानना चाहते हैं, तो मैं यात्रा 'वृत्तांत 'चरैवेति ' का नाम लूँगी। इसमें भारत से मास्को तक की यात्रा का विवरण है। मेरी प्रिय रचना यही है क्योंकि मैंने इसे अत्यधिक परिश्रम और ईमानदारी से लिखा है। 
दुर्गा प्र. नौटियाल: आपने किस अवस्था से लिखना शुरू किया? पहली रचना कब और कहाँ छपी थी? 'तब कैसा लगा था? और अब ढेर सारा छपने पर कैसा लग रहा है?

(1) कृति पूर्ण कीजिए :  (2)

(i) 

शिवानी की प्रिय रचना

______
प्रिय होने का कारण ______

(ii) 

(2) 'मेरा परिवार' इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)


निम्नलिखित गदयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

दुर्गा प्र. नौटियालः  आपने अब तक काफी साहित्‍य रचा है। क्‍या आप इससे संतुष्‍ट हैं? 
शिवानी: जहाँ तक संतुष्‍ट होने का संबंध है, मैं समझती हूँ कि किसी को भी अपने लेखन से संतुष्‍ट नहीं होना चाहिए। मैं चाहती हूँ कि ऐसे लक्ष्य को सामने रखकर कुछ ऐसा लिखूँ कि जिस परिवेश को पाठक ने स्‍वयं भोगा है, उसे जीवंत कर दूँ। मुझे तब बहुत ही अच्छा लगता है जब कोई पाठक मुझे लिख भेजता है कि आपने अमुक-अमुक चरित्र का वास्‍तविक वर्णन किया है अथवा फलाँ-फलाँ चरित्र, लगता है, हमारे ही बीच है। लेकिन साथ ही मैं यह मानती हूँ कि लोकप्रिय होना न इतना आसान है और न ही उसे बनाए रखना आसान है। मैं गत पचास वर्षों से बराबर लिखती आ रही हूँ। पाठक मेरे लेखन को खूब सराह रहे हैं। मेरे असली आलोचक तो मेरे पाठक हैं, जिनसे मुझे प्रशंसा और स्‍नेह भरपूर मात्रा में मिलता रहा है। शायद यही कारण है कि मैं अब तक बराबर लिखती आई हूँ।
  1. कृति पूर्ण कौजिए:   (2)



  2. 'परिवेश का प्रभाव व्यक्तित्व पर होता है' विषय 25 से 30 शब्दों अपने विचार लिखिए।   (2)

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