हिंदी

निम्नलिखित पत्र को ध्यानपूर्वक पढ़िए: भारतीय रिज़र्व बैंक नयी दिल्ली कार्यपालक निदेशक आर.बी.आई./2006/136 इस पत्र की विषय-वस्तु के आधार पर रिज़र्व बैंक द्वारा प्रेस विज्ञप्ति तैयार कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित पत्र को ध्यानपूर्वक पढ़िए:

भारतीय रिज़र्व बैंक
नयी दिल्ली

कार्यपालक निदेशक
आर.बी.आई./2006/136
फा.सं. 118/11/37.01/2005-06
6 अप्रैल, 2006
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक
सभी सार्वजनिक और निजी बैंक
नयी दिल्ली

विषय: सिक्के की स्वीकृति और वितरण संबंधी

महोदय/महोदया,

आप अपनी शाखाओं को तत्काल आदेश दें कि वे जनता के किसी भी सदस्य से बिना किसी प्रतिबंध के सभी मूल्यवर्गों के सिक्के स्वीकार करें। यदि कोई उपभोक्ता सिक्कों की माँग करता है तो उसे सभी मूल्यवर्गों के सिक्के भी उपलब्ध करवाने होंगे।
हालांकि 5, 10 और 20 पैसे मूल्यवर्ग के छोटे सिक्के बनाना बंद कर दिया गया है जबकि पहले जारी सिक्के जो अब भी प्रचलन में हैं। वे वैध मुद्रा बने रहेंगे। कृपया इसकी पावती भेजें तथा अपनी कार्यवाही से अवगत करवाएँ।

भवदीय
(डॉ रश्मि सिन्हा)
कार्यपालक निदेशक

इस पत्र की विषय-वस्तु के आधार पर रिज़र्व बैंक द्वारा प्रेस विज्ञप्ति तैयार कीजिए।

लेखन कौशल
Advertisements

उत्तर

भारतीय रिज़र्व बैंक
प्रेस विज्ञप्ति
नयी दिल्ली

दिनांक: 7 अप्रैल, 2006

विषय: सिक्कों की स्वीकृति एवं वितरण संबंधी निर्देश

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सभी सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों को निर्देश दिया है कि उनकी शाखाएँ जनता के किसी भी सदस्य से बिना किसी प्रतिबंध के सभी मूल्यवर्गों के सिक्के स्वीकार करें। यदि कोई उपभोक्ता सिक्कों की माँग करता है, तो बैंक शाखाओं द्वारा उसे उपलब्ध सिक्कों में सभी मूल्यवर्गों के सिक्के दिए जाएँ।

रिज़र्व बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि 5, 10 और 20 पैसे के छोटे मूल्यवर्ग के सिक्कों का निर्माण बंद कर दिया गया है, लेकिन पहले जारी किए गए ऐसे सिक्के, जो अभी प्रचलन में हैं, वैध मुद्रा बने रहेंगे।

सभी बैंक शाखाओं से इन निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक
नयी दिल्ली

shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 14: कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया - पाठ से संवाद [पृष्ठ १८१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Abhivyakti aur Madhyam Class 11 and 12
अध्याय 14 कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया
पाठ से संवाद | Q 1. (ख) | पृष्ठ १८१
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Course
Use app×