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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −कवयित्री को आकाश के तारे स्नेहहीन से क्यों प्रतीत हो रहे हैं?

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवयित्री को आकाश के तारे स्नेहहीन से क्यों प्रतीत हो रहे हैं?

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उत्तर

कवयित्री को आकाश के तारे स्नेहहीन नज़र आते हैं। अर्थात मनुष्य में एक दूसरे से प्रेम और सौहार्द की भावना समाप्त हो गई है। उनमें आपस में कोई स्नेह नहीं है। इसलिए उसे आकाश के तारे स्नेहहीन लगते हैं।

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मधुर-मधुर मेरे दीपक जल
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