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निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो आत्‍मा

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प्रश्न

निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो

आत्‍मा

एक शब्द/वाक्यांश उत्तर
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उत्तर

आत्मा → स्त्रीलिंग

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व्याकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.3: नाखून क्यों बढ़ते हैं? - भाषा बिंदु [पृष्ठ ८]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 1.3 नाखून क्यों बढ़ते हैं?
भाषा बिंदु | Q 1.1 | पृष्ठ ८

संबंधित प्रश्न

निम्‍न विरामचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्‍य में प्रयोग करो :


निम्‍नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्‍यों में प्रयोग कराे:

हल


निम्‍नलिखित शब्द का समानार्थी शब्‍द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो :

पृथ्‍वी


सौहार्द-सौमनस्य इस पाठ में आए अव्ययों को पहचानो और उनके भेद बताकर उनका अलग-अलग वाक्यों में प्रयोग करो।


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

इस भौतिक जीवन में मनुष्य बहुत खुश है।


रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

राजेश अभिमानी लड़का है।


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

भला


नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए

,


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

उसने प्राण की बाजी लगा दी।


दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________

__________________


सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्‌न सहित पढ़ो और समझो :

अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

सूर्य अस्त हुआ आकाश लाल हुआ वराह पोखरों से उठकर घूमने लगे हिरन हरियाली पर सोने लगे और जंगल में धीरे धीरे अँधेरा फैलने लगा


शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह   शब्द विलोम
अति + अधिक   × न्यूनतम

शब्‍द के लिंग पहचानिए:

ज्ञान = ______


निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
सेवार्थ ______ + ______  

परिच्छेद पढ़िए और उसमें आए शब्‍दों के लिंग एवं वचन बदलकर लिखिए।

मैं गाँव से शहर पढ़ने आता था। गाँव का मेरा एक मित्र भी था। सावन-भादों की बादलों से ढँकी रात में बीहड़ पानी बरसता है। पूरा सन्नाटा शेर की दहाड़ सरीखा गरज उठता है। छमाक से बिजलियाँ कड़कती हैं। माँ बच्चे को अपने छाती से चिपकाती है। हाँड़ी में उबलते दाल-भात के साथ उसकी उम्‍मीद भी पकती है। उसका श्रम पकता है। अंत में कभी-कभी माँ हाँड़ी में चिपके मुट्ठी भर बचे चावल खाती है। न जाने कहाँ से अपनी आँखों में इतनी तेज चमक पैदा कर लेती है कि भरे पेटवाले की आँखें चौंधियाँ जाती हैं।

उसके त्‍याग और संतान की तृप्ति के पानी से उसकी साध लहलहाती है। बैलगाड़ी में बैठी संतान को छतरी की छाँव करती है।

बस में बच्चा खिड़की के पास बैठा बाहर दृश्यों को देखता है और वह पूरी यात्रा बच्चे को देखती रहती है। सँभालती रहती है। रेल जब बोगदे के भीतर से गुजरती है, तो अनायास उसका हाथ बच्चे की बाँह पर चला जाता है और पिता का सामान पर।


निम्न संवाद को पढ़िए, समझिए तथा कारक रेखांकित करके उनके चिह्नों के नाम लिखिए:- 

जंगल के राजा शेरसिंह टेलीविजन पर समाचार देख रहे थे, कई समाचार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के बारे में थे, वे इसके समाधान के लिए कुछ करना चाहते थे-

शेरसिंह - जंबो हाथी को बुलाया जाए।
सेवक - जो आज्ञा महाराज।
जंबाे - प्रणाम महाराज, आपने मुझे याद किया।
शेरसिंह - जंगल में सड़क दुर्घटनाएँ बहुत बढ़ गई हैं। लोग नियमों से दूर जा रहे हैं। इससे मैं बहुत दुखी हूँ।
जंबो - चिंता न करें, मैं इस मामले में आपकी सहायता करूँगा। मुझे रिपोर्ट बनाने के लिए समय दें।
शेरसिंह - जंबो ! तुम पूरा समय लो।
(कुछ दिनों बाद रिपोर्ट लेकर जंबो पहुँचा।)
जंबो - महाराज, जंगल निवासी ट्रैफिक के नियमों का पालन नहीं करते हैं।
शेरसिंह - ठीक है, हम नागरिकों से ट्रैफिक के नियमों का सख्ती से पालन करवाएँगे।
जंबो - दोपहिया चलाने वालों को हेल्मेट पहनना और कार चलाने वालों को सीट बेल्ट बांधना अनिवार्य कर सकते हैं।
शेरसिंह - विद्यालयों, अस्पतालों और पार्किंगवाले स्थानों के पास गति सीमा को बताने वाले चिह्नों को क्यों न लगा दिया जाए?
जंबो - महाराज, साइकिल चलाने वालों और पैदल चलने वालों के लिए आप एक अलग से रास्ता बनवा सकते हैं।
शेरसिंह - तुम्हारी सलाह के लिए तुम्हें धन्यवाद।

 

क्र. कारक कारक चिह्न
     

परिच्छेद में आए सर्वनामों की सूची तैयार कीजिए।

           भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्‍ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्‍ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा।

           काठमांडू से एवरेस्‍ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्‍ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्‍था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्‍द हमने १९००० फीट पर स्‍थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्‍ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्‍था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्‍ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया।


डायरी अंश पढ़िए और वाक्‍य के प्रकार ढूँढ़िए:

१० मई २०१७ (बुधवार)
आज कक्षा में सूचना आई कि इन गर्मियों में हमारे स्कूल की ओर से एक दल शिमला भ्रमण को भेजने की योजना बनी है। मैंने भी अपना नाम उसके लिए दिया। मैं इस यात्रा के लिए उत्सुक हूँ।

२० मई २०१७ (शनिवार)
तीस विद्यार्थियों का दल पी. टी. आई. श्री जयचंद वर्मा जी के साथ रवाना हुआ। रात्रि के साढ़े दस बजे हम दिल्‍ली रेलवे स्टेशन पहुँच गए। गाड़ी ग्यारह बजे चलनी थी। हमने अपने पूर्व निर्धारित स्थान ले लिए। भयंकर गर्मी पड़ रही थी। ग्यारह बजे गाड़ी चल पड़ी। हम अपने-अपने स्थान पर सो गए।

२१ मई २०१७ (रविवार)
प्रातः साढ़े छह बजे गाड़ी कालका स्टेशन पर रुकी। यहाँ से हमें गाड़ी बदलनी थी। शिमला के लिए छह डिब्बों की खिलौने जैसी गाड़ी प्लेटफार्म पर लगी हुई थी। खिलौना गाड़ी के डिब्बे छोटे-छोटे थे और रेलवे लाईन 'नैरो गैज' थी। गाड़ी ठीक साढ़े सात बजे चल पड़ी। गाड़ी की गति पर्याप्त धीमी थी और वह पर्वत की पीठ पर मानो रेंगते हुए चढ़ रही थी। दूर तक घाटियों में फैली हरियाली दिखाई पड़ती थी। करीब साढ़े दस बजे गाड़ी लंबी सुरंग द्वारा बहुत सुंदर फूलों से सजे छोटे-से स्टेशन बड़ौग पर पहुँची जिसे देख राकेश बोला- 'ओह! कितनी लंबी सुरंग?"

२२ मई २०१७ (सोमवार)
दूसरे दिन हम हिमाचल पर्यटन विभाग की बसों में बैठकर कुफरी, वाइल्ड फ्लॉवर हॉल, क्रिग नैनी और नालदेश की यात्रा के लिए गए।

२३ मई २०१७ (मंगलवार)
तीसरे दिन हम जाखू पर्वत पर पिकनिक के लिए गए। शिमला शहर के मध्य रिज से लगभग पंद्रह सौ फुट की ऊँचाई पर स्थित यह चोटी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है।

२४ मई २०१७
चौथे दिन प्रातः (बुधवार) सात बजे हम वापस चल पड़े। सचमुच ही शिमला पहाड़ों की रानी है।

उपरोक्त डायरी अंश के आधार पर निर्देश-१ के अनुसार वाक्य लिखिए तथा निर्देश-२ के अनुसार परिवर्तित करके लिखिए :- 

क्र. निर्देश-१ वाक्य नि्देश-२
१. सयुंक्त वाक्य बसों में बैठकर कुफरी, क्रिग नैनी और नालदेश की यात्रा के लिए गए। मिश्र वाक्य
२. सरल वाक्य   सयुंक्त वाक्य
३. मिश्र वाक्य   सरल वाक्य 
४. विधानार्थक   निषेधार्थक
५. प्रश्नार्थक   संकेतार्थक
६. विस्मयार्थक   इच्छार्थक
७. आज्ञार्थक   संदेहार्थक

रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

जहाँ एक लड़का ______ देख रहा था।


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