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MNHOH∧m(NH4OH)0 ______ के बराबर होगा।

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प्रश्न

`∧_("m"("NH"_4"OH"))^0` ______ के बराबर होगा।

विकल्प

  • `∧_("m"("NH"_4"OH"))^0 + ∧_("m"("NH"_4"Cl"))^0 - ∧_("m"("HCl"))^0`

  • `∧_("m"("NH"_4"Cl"))^0 + ∧_("m"("NaOH"))^0 - ∧_("NaCl")^0`

  • `∧_("m"("NH"_4"Cl"))^0 + ∧_("m"("NaCl"))^0 - ∧_("NaOH")^0`

  • `∧_("m"("NaOH"))^0 + ∧_("m"("NaCl"))^0 - ∧_(("NH"_4"Cl"))^0`

MCQ
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उत्तर

`∧_("m"("NH"_4"OH"))^0` `underline(∧_("m"("NH"_4"Cl"))^0 + ∧_("m"("NaOH"))^0 - ∧_("NaCl")^0)` के बराबर होगा।

स्पष्टीकरण -

(i) \[\ce{NH4CI ⇌ NH^{+}4 + Cl-}\]  

(ii) \[\ce{NaCI ⇌ Na+ + Cl-}\]  

(iii) \[\ce{NaOH ⇌ Na+ + OH-}\]   

(iv) \[\ce{NH4OH ⇌ NH^{+}4 + OH-}\] 

उपरोक्त सभी चार अभिक्रिया से हमने देखा:

\[\ce{Λ^0_m}_{(\text{NH}_4{\text{Cl}})} + \ce{Λ^0_m_{(NaOH) } - \ce{Λ^0}_{(NaCl)} = \ce{Λ^0_m}_{(NH_4OH)}}\]

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वैद्युत अपघटनी विलयनों का चालकत्व
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: विद्युत् रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ३७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 3 विद्युत् रसायन
अभ्यास | Q I. 16. | पृष्ठ ३७

संबंधित प्रश्न

चालकता सेल का सेल स्थिरांक ______.


आयनिक विलयन की मोलर चालकता ______ निर्भर करती है।

  1. ताप पर
  2. इलेक्ट्रोडों के मध्य की दूरी पर
  3. विलयन में विद्युत् अपघट्यों की सांद्रता पर
  4. इलेक्ट्रोडों के पृष्ठीय क्षेत्रफल पर

डिस्चार्ज होते समय सीसा संचायक सेल में होने वाली अभिक्रिया लिखिए। जब बैटरी डिस्चार्ज होती है तो विद्युत् अपघट्य का घनत्व किस प्रकार प्रभावित होता है?


कॉलम I तथा कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) Λm (a) मात्राविहीन गुण
(ii) `"E"_"cell"^⊖` (b) आयनों की संख्या/आयतन पर निर्भर
(iii) κ (c) विस्तीर्ण गुण
(iv) ΔrG (d) तनुता के साथ बढ़ता है

निम्नलिखित आँकडों के आधार पर कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

`"E"_("F"_2//"F"^-)^⊖` = 2.87 V, `"E"_("Li"^+//"Li")^⊖` = - 3.5 V, `"E"_("Au"^(3+)//"Au")^⊖` = 1.4 V, `"E"_("Br"^2//"Br"^-)` = 1.09 V

कॉलम I कॉलम II
(i) F2 (a) धातु प्रबलतम अपचायक है
(ii) Li (b) धातु आयन जो दुर्बलतम ऑक्सीकरण कर्मक है
(iii) Au3+ (c) अधातु जो कि उत्तम ऑक्सीकरण कर्मक है
(iv) Br- (d) अक्रिय धातु
(v) Au (e) ऋणायन जो कि Au3+ द्वारा ऑक्सीकृत किया जा
(vi) Li+ (f) ऋणायन जो दुर्बलतम अपचयन कर्मक है
(vii) F- (g) धातु आयन जो कि ऑक्सीकरण कर्मक है

अभिकथन - तनुता बढ़ाने पर सभी विद्युत् अपघट्यों की चालकता घटती है।

तर्क - तनुता बढ्डाने से प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या घटती है।


अभिकथन - विद्युत् अपघट्य विलयन को तनुकृत करने पर दुर्बल विद्युत् अपघट्यों के Λm के मान में तीव्र वुद्ध होती है।

तर्क - दुर्बल विद्युत् अपघट्यों के विलयन की तनुता बढाने से उनके वियोजन की मात्रा बढ़ती है।


अभिकथन - आयनिक विलयन का प्रतिरोध मापने के लिए प्रत्यावर्ती धारा को स्नोत के रूप में काम में लेते हैं।

तर्क - यदि दिष्टधारा को स्तोत के रूप में काम में लेते हैं तो आयनिक विलयन की सांद्रता परिवर्तित हो जाती है।


चित्र के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए।

सेल 'A' का Eसेल = 2V तथा सेल 'B' का Eसेल = 1.1 V है। 'A' तथा 'B' दोनों सेलों में से कौन-सा सेल विद्युत् अपघटनी सेल के रूप में कार्य करेगा। इस सेल में होने वाली इलेक्ट्रोड अभिक्रियाएँ क्या होंगी?


चित्र के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए।

यदि सेल 'A' का Eसेल = 0.5 V तथा सेल 'B' का Eसेल = 1.1 V हो तो ऐनोड व कैथोड पर क्या अभिक्रियाएँ होगी?


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