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प्रश्न
आयनिक विलयन की मोलर चालकता ______ निर्भर करती है।
- ताप पर
- इलेक्ट्रोडों के मध्य की दूरी पर
- विलयन में विद्युत् अपघट्यों की सांद्रता पर
- इलेक्ट्रोडों के पृष्ठीय क्षेत्रफल पर
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उत्तर
(i) ताप पर
(iii) विलयन में विद्युत् अपघट्यों की सांद्रता पर
स्पष्टीकरण -
\[\ce{Λ_m (S cm^2mol^{-1}) = K}\]
तापमान बढ़ने पर मोलर चालकता बढ़ती है जबकि सांद्रता बढ़ने पर मोलर चालकता घटती है।
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प्लेटिनम इलेक्ट्रोड की उपस्थिति में CuSO4 के जलीय विलयन का विद्युत् अपघटन करने पर क्या होगा?
(i) कैथोड पर कॉपर निक्षपित होगा।
(ii) ऐनोड पर कॉपर निक्षिपित होगा।
(iii) ऐनोड पर ऑक्सीजन निकलेगी।
(iv) ऐनोड पर कॉपर घुलेगा।
चालकता κ, बराबर है ______ के।
(i) `1/"R", l/"A"`
(ii) `("G"*)/"R"`
(iii) ∧m
(iv) `l/"A"`
किसी विद्युत् अपघटनी विलयन के प्रतिरोध के मापन में प्रत्यावर्ती धारा का प्रयोग क्यों किया जाता है?
तनुता बढ़ाने पर CH3COOH के Λm का मान तेजी से क्यों बढ़ता है जबकि CH3COONa का Λm मान धीरे-धीरे से बढุता है?
कॉलम I तथा कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) Λm | (a) मात्राविहीन गुण |
| (ii) `"E"_"cell"^⊖` | (b) आयनों की संख्या/आयतन पर निर्भर |
| (iii) κ | (c) विस्तीर्ण गुण |
| (iv) ΔrG | (d) तनुता के साथ बढ़ता है |
निम्नलिखित आँकडों के आधार पर कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
`"E"_("F"_2//"F"^-)^⊖` = 2.87 V, `"E"_("Li"^+//"Li")^⊖` = - 3.5 V, `"E"_("Au"^(3+)//"Au")^⊖` = 1.4 V, `"E"_("Br"^2//"Br"^-)` = 1.09 V
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) F2 | (a) धातु प्रबलतम अपचायक है |
| (ii) Li | (b) धातु आयन जो दुर्बलतम ऑक्सीकरण कर्मक है |
| (iii) Au3+ | (c) अधातु जो कि उत्तम ऑक्सीकरण कर्मक है |
| (iv) Br- | (d) अक्रिय धातु |
| (v) Au | (e) ऋणायन जो कि Au3+ द्वारा ऑक्सीकृत किया जा |
| (vi) Li+ | (f) ऋणायन जो दुर्बलतम अपचयन कर्मक है |
| (vii) F- | (g) धातु आयन जो कि ऑक्सीकरण कर्मक है |
अभिकथन - NaCl विलयन का विद्युत् अपघटन O2 के बजाए ऐनोड पर क्लोरीन देता है।
तर्क - ऐनोड पर ऑक्सीजन बनने के लिए अधिवोल्टता चाहिए।
अभिकथन - आयनिक विलयन का प्रतिरोध मापने के लिए प्रत्यावर्ती धारा को स्नोत के रूप में काम में लेते हैं।
तर्क - यदि दिष्टधारा को स्तोत के रूप में काम में लेते हैं तो आयनिक विलयन की सांद्रता परिवर्तित हो जाती है।
अभिकथन - कॉपर सल्फ़ेट को ज़ंक पात्र में रखा जा सकता है।
तर्क - कॉपर की तुलना में जिंक कम सक्रिय होता है।
चित्र के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए।

यदि सेल 'A' का Eसेल = 0.5 V तथा सेल 'B' का Eसेल = 1.1 V हो तो ऐनोड व कैथोड पर क्या अभिक्रियाएँ होगी?
