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आयनिक विलयन की मोलर चालकता ______ निर्भर करती है। (i) ताप पर (ii) इलेक्ट्रोडों के मध्य की दूरी पर (iii) विलयन में विद्युत् अपघट्यों की सांद्रता पर (iv) इलेक्ट्रोडों के पृष्ठीय क्षेत्रफल पर

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प्रश्न

आयनिक विलयन की मोलर चालकता ______ निर्भर करती है।

  1. ताप पर
  2. इलेक्ट्रोडों के मध्य की दूरी पर
  3. विलयन में विद्युत् अपघट्यों की सांद्रता पर
  4. इलेक्ट्रोडों के पृष्ठीय क्षेत्रफल पर
थोडक्यात उत्तर
रिकाम्या जागा भरा
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उत्तर

(i) ताप पर

(iii) विलयन में विद्युत् अपघट्यों की सांद्रता पर

स्पष्टीकरण -

\[\ce{Λ_m (S cm^2mol^{-1}) = K}\]

तापमान बढ़ने पर मोलर चालकता बढ़ती है जबकि सांद्रता बढ़ने पर मोलर चालकता घटती है।

shaalaa.com
वैद्युत अपघटनी विलयनों का चालकत्व
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: विद्युत् रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ३९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 3 विद्युत् रसायन
अभ्यास | Q II. 26. | पृष्ठ ३९

संबंधित प्रश्‍न

`∧_("m"("NH"_4"OH"))^0` ______ के बराबर होगा।


प्लेटिनम इलेक्ट्रोड की उपस्थिति में CuSO4 के जलीय विलयन का विद्युत् अपघटन करने पर क्या होगा? 

(i) कैथोड पर कॉपर निक्षपित होगा।

(ii) ऐनोड पर कॉपर निक्षिपित होगा।

(iii) ऐनोड पर ऑक्सीजन निकलेगी।

(iv) ऐनोड पर कॉपर घुलेगा।


चालकता κ, बराबर है ______ के।

(i) `1/"R", l/"A"`

(ii) `("G"*)/"R"`

(iii) ∧m

(iv) `l/"A"`


दो विद्युत् अपघट्यों 'A' और 'B' के विलयनों को तनुकृत किया जाता है। 'B' का Λm1.5 गुना बढ़ता है जबकि A का Λm25 गुना बढ़ता है। इन दोनों में से कौन-सा प्रबल विद्युत् अपघट्य है? अपने उत्तर का औचित्य समझाइए। 


कॉलम I तथा कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) Λm (a) मात्राविहीन गुण
(ii) `"E"_"cell"^⊖` (b) आयनों की संख्या/आयतन पर निर्भर
(iii) κ (c) विस्तीर्ण गुण
(iv) ΔrG (d) तनुता के साथ बढ़ता है

निम्नलिखित आँकडों के आधार पर कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

`"E"_("F"_2//"F"^-)^⊖` = 2.87 V, `"E"_("Li"^+//"Li")^⊖` = - 3.5 V, `"E"_("Au"^(3+)//"Au")^⊖` = 1.4 V, `"E"_("Br"^2//"Br"^-)` = 1.09 V

कॉलम I कॉलम II
(i) F2 (a) धातु प्रबलतम अपचायक है
(ii) Li (b) धातु आयन जो दुर्बलतम ऑक्सीकरण कर्मक है
(iii) Au3+ (c) अधातु जो कि उत्तम ऑक्सीकरण कर्मक है
(iv) Br- (d) अक्रिय धातु
(v) Au (e) ऋणायन जो कि Au3+ द्वारा ऑक्सीकृत किया जा
(vi) Li+ (f) ऋणायन जो दुर्बलतम अपचयन कर्मक है
(vii) F- (g) धातु आयन जो कि ऑक्सीकरण कर्मक है

अभिकथन - विद्युत् अपघट्य विलयन को तनुकृत करने पर दुर्बल विद्युत् अपघट्यों के Λm के मान में तीव्र वुद्ध होती है।

तर्क - दुर्बल विद्युत् अपघट्यों के विलयन की तनुता बढाने से उनके वियोजन की मात्रा बढ़ती है।


अभिकथन - NaCl विलयन का विद्युत् अपघटन O2 के बजाए ऐनोड पर क्लोरीन देता है।

तर्क - ऐनोड पर ऑक्सीजन बनने के लिए अधिवोल्टता चाहिए।


अभिकथन - कॉपर सल्फ़ेट को ज़ंक पात्र में रखा जा सकता है।

तर्क - कॉपर की तुलना में जिंक कम सक्रिय होता है।


चित्र के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए।

यदि सेल 'A' का Eसेल = 0.5 V तथा सेल 'B' का Eसेल = 1.1 V हो तो ऐनोड व कैथोड पर क्या अभिक्रियाएँ होगी?


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