मराठी

किसी विद्युत् अपघटनी विलयन के प्रतिरोध के मापन में प्रत्यावर्ती धारा का प्रयोग क्यों किया जाता है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

किसी विद्युत् अपघटनी विलयन के प्रतिरोध के मापन में प्रत्यावर्ती धारा का प्रयोग क्यों किया जाता है?

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

प्रत्यावर्ती धारा आयनों की सांद्रता को स्थिर रखती है जबकि प्रत्यक्ष धारा आयनों की सांद्रता को बदल देती है। इसीलिए प्रत्यावर्ती धारा का उपयोग इलेक्ट्रोलाइटिक घोल के प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है।

shaalaa.com
वैद्युत अपघटनी विलयनों का चालकत्व
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: विद्युत् रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ४०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 3 विद्युत् रसायन
अभ्यास | Q III. 37. | पृष्ठ ४०

संबंधित प्रश्‍न

चालकता सेल का सेल स्थिरांक ______.


`∧_("m"("NH"_4"OH"))^0` ______ के बराबर होगा।


प्लेटिनम इलेक्ट्रोड की उपस्थिति में CuSO4 के जलीय विलयन का विद्युत् अपघटन करने पर क्या होगा? 

(i) कैथोड पर कॉपर निक्षपित होगा।

(ii) ऐनोड पर कॉपर निक्षिपित होगा।

(iii) ऐनोड पर ऑक्सीजन निकलेगी।

(iv) ऐनोड पर कॉपर घुलेगा।


चालकता κ, बराबर है ______ के।

(i) `1/"R", l/"A"`

(ii) `("G"*)/"R"`

(iii) ∧m

(iv) `l/"A"`


आयनिक विलयन की मोलर चालकता ______ निर्भर करती है।

  1. ताप पर
  2. इलेक्ट्रोडों के मध्य की दूरी पर
  3. विलयन में विद्युत् अपघट्यों की सांद्रता पर
  4. इलेक्ट्रोडों के पृष्ठीय क्षेत्रफल पर

दो विद्युत् अपघट्यों 'A' और 'B' के विलयनों को तनुकृत किया जाता है। 'B' का Λm1.5 गुना बढ़ता है जबकि A का Λm25 गुना बढ़ता है। इन दोनों में से कौन-सा प्रबल विद्युत् अपघट्य है? अपने उत्तर का औचित्य समझाइए। 


तनुता बढ़ाने पर CH3COOH के Λm का मान तेजी से क्यों बढ़ता है जबकि CH3COONa का Λm मान धीरे-धीरे से बढุता है?


कॉलम I तथा कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) Λm (a) मात्राविहीन गुण
(ii) `"E"_"cell"^⊖` (b) आयनों की संख्या/आयतन पर निर्भर
(iii) κ (c) विस्तीर्ण गुण
(iv) ΔrG (d) तनुता के साथ बढ़ता है

अभिकथन - आयनिक विलयन का प्रतिरोध मापने के लिए प्रत्यावर्ती धारा को स्नोत के रूप में काम में लेते हैं।

तर्क - यदि दिष्टधारा को स्तोत के रूप में काम में लेते हैं तो आयनिक विलयन की सांद्रता परिवर्तित हो जाती है।


चित्र के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए।

सेल 'A' का Eसेल = 2V तथा सेल 'B' का Eसेल = 1.1 V है। 'A' तथा 'B' दोनों सेलों में से कौन-सा सेल विद्युत् अपघटनी सेल के रूप में कार्य करेगा। इस सेल में होने वाली इलेक्ट्रोड अभिक्रियाएँ क्या होंगी?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×