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चित्र के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए। यदि सेल 'A' का Eसेल = 0.5 V तथा सेल 'B' का Eसेल = 1.1 V हो तो ऐनोड व कैथोड पर क्या अभिक्रियाएँ होगी?

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प्रश्न

चित्र के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए।

यदि सेल 'A' का Eसेल = 0.5 V तथा सेल 'B' का Eसेल = 1.1 V हो तो ऐनोड व कैथोड पर क्या अभिक्रियाएँ होगी?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

अब सेल 'B' गैल्वेनिक सेल के रूप में कार्य करता है क्योंकि इसमें उच्च emf है और यह इलेक्ट्रॉनों को सेल 'A' में धकेल देगा।

इलेक्ट्रोड प्रतिक्रिया होगी:

कैथोड पर \[\ce{Zn -> Zn^{2+} + 2e^-}\]

एनोड पर \[\ce{Cu^{2+} + 2e^- -> Cu}\]

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वैद्युत अपघटनी विलयनों का चालकत्व
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: विद्युत् रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ४४]

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एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 3 विद्युत् रसायन
अभ्यास | Q VI. 66. (ii) | पृष्ठ ४४

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प्लेटिनम इलेक्ट्रोड की उपस्थिति में CuSO4 के जलीय विलयन का विद्युत् अपघटन करने पर क्या होगा? 

(i) कैथोड पर कॉपर निक्षपित होगा।

(ii) ऐनोड पर कॉपर निक्षिपित होगा।

(iii) ऐनोड पर ऑक्सीजन निकलेगी।

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आयनिक विलयन की मोलर चालकता ______ निर्भर करती है।

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किसी विद्युत् अपघटनी विलयन के प्रतिरोध के मापन में प्रत्यावर्ती धारा का प्रयोग क्यों किया जाता है?


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कॉलम I तथा कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) Λm (a) मात्राविहीन गुण
(ii) `"E"_"cell"^⊖` (b) आयनों की संख्या/आयतन पर निर्भर
(iii) κ (c) विस्तीर्ण गुण
(iv) ΔrG (d) तनुता के साथ बढ़ता है

निम्नलिखित आँकडों के आधार पर कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

`"E"_("F"_2//"F"^-)^⊖` = 2.87 V, `"E"_("Li"^+//"Li")^⊖` = - 3.5 V, `"E"_("Au"^(3+)//"Au")^⊖` = 1.4 V, `"E"_("Br"^2//"Br"^-)` = 1.09 V

कॉलम I कॉलम II
(i) F2 (a) धातु प्रबलतम अपचायक है
(ii) Li (b) धातु आयन जो दुर्बलतम ऑक्सीकरण कर्मक है
(iii) Au3+ (c) अधातु जो कि उत्तम ऑक्सीकरण कर्मक है
(iv) Br- (d) अक्रिय धातु
(v) Au (e) ऋणायन जो कि Au3+ द्वारा ऑक्सीकृत किया जा
(vi) Li+ (f) ऋणायन जो दुर्बलतम अपचयन कर्मक है
(vii) F- (g) धातु आयन जो कि ऑक्सीकरण कर्मक है

अभिकथन - तनुता बढ़ाने पर सभी विद्युत् अपघट्यों की चालकता घटती है।

तर्क - तनुता बढ्डाने से प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या घटती है।


अभिकथन - विद्युत् अपघट्य विलयन को तनुकृत करने पर दुर्बल विद्युत् अपघट्यों के Λm के मान में तीव्र वुद्ध होती है।

तर्क - दुर्बल विद्युत् अपघट्यों के विलयन की तनुता बढाने से उनके वियोजन की मात्रा बढ़ती है।


अभिकथन - जब ECell = 0 होता है तो विद्युत् धारा प्रवाहित होनी बन्द हो जाती है।

तर्क - सेल अभिक्रिया का साम्य स्थापित हो जाता है।


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