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प्रश्न
चित्र के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए।

यदि सेल 'A' का Eसेल = 0.5 V तथा सेल 'B' का Eसेल = 1.1 V हो तो ऐनोड व कैथोड पर क्या अभिक्रियाएँ होगी?
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उत्तर
अब सेल 'B' गैल्वेनिक सेल के रूप में कार्य करता है क्योंकि इसमें उच्च emf है और यह इलेक्ट्रॉनों को सेल 'A' में धकेल देगा।
इलेक्ट्रोड प्रतिक्रिया होगी:
कैथोड पर \[\ce{Zn -> Zn^{2+} + 2e^-}\]
एनोड पर \[\ce{Cu^{2+} + 2e^- -> Cu}\]
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कॉलम I तथा कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) Λm | (a) मात्राविहीन गुण |
| (ii) `"E"_"cell"^⊖` | (b) आयनों की संख्या/आयतन पर निर्भर |
| (iii) κ | (c) विस्तीर्ण गुण |
| (iv) ΔrG | (d) तनुता के साथ बढ़ता है |
निम्नलिखित आँकडों के आधार पर कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
`"E"_("F"_2//"F"^-)^⊖` = 2.87 V, `"E"_("Li"^+//"Li")^⊖` = - 3.5 V, `"E"_("Au"^(3+)//"Au")^⊖` = 1.4 V, `"E"_("Br"^2//"Br"^-)` = 1.09 V
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) F2 | (a) धातु प्रबलतम अपचायक है |
| (ii) Li | (b) धातु आयन जो दुर्बलतम ऑक्सीकरण कर्मक है |
| (iii) Au3+ | (c) अधातु जो कि उत्तम ऑक्सीकरण कर्मक है |
| (iv) Br- | (d) अक्रिय धातु |
| (v) Au | (e) ऋणायन जो कि Au3+ द्वारा ऑक्सीकृत किया जा |
| (vi) Li+ | (f) ऋणायन जो दुर्बलतम अपचयन कर्मक है |
| (vii) F- | (g) धातु आयन जो कि ऑक्सीकरण कर्मक है |
अभिकथन - तनुता बढ़ाने पर सभी विद्युत् अपघट्यों की चालकता घटती है।
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अभिकथन - विद्युत् अपघट्य विलयन को तनुकृत करने पर दुर्बल विद्युत् अपघट्यों के Λm के मान में तीव्र वुद्ध होती है।
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अभिकथन - जब ECell = 0 होता है तो विद्युत् धारा प्रवाहित होनी बन्द हो जाती है।
तर्क - सेल अभिक्रिया का साम्य स्थापित हो जाता है।
