Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मानवों में हृदय में से होकर रुधिर प्रवाह का वर्णन कीजिए।
संक्षेप में उत्तर
Advertisements
उत्तर
हृदय के माध्यम से रक्त प्रवाह -
- विभिन्न अंगों से डीऑक्सीजनेटेड रक्त वेना कावा के माध्यम से दाहिने आलिंद में प्रवेश करता है।
- दाएँ अलिंद से रक्त दाएँ निलय में जाता है। दाएं आलिंद और दाएं वेंट्रिकल के बीच ट्राइकसपिड वाल्व रक्त के प्रतिप्रवाह को रोकता है।
- दाएं वेंट्रिकल से, फुफ्फुसीय धमनी के माध्यम से रक्त फेफड़ों में जाता है। फेफड़ों के अंदर, कार्बन डाइऑक्साइड को रक्त से हटा दिया जाता है और ऑक्सीजन रक्त में प्रवेश करती है।
- फेफड़ों से, रक्त फुफ्फुसीय शिरा के माध्यम से बाएं आलिंद में जाता है।
- बाएं आलिंद से रक्त बाएं वेंट्रिकल में जाता है।
- बाएं वेंट्रिकल से रक्त को महाधमनी में पंप किया जाता है ताकि इसे विभिन्न अंगों तक पहुंचाया जा सके।
shaalaa.com
वहन - मानव में वहन
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मानव में वहन तंत्र के घटक कौन से हैं? इन घटकों के क्या कार्य हैं?
धमनियों का वर्णन करने के लिए सही कथन चुनिए :
मानवों के ऊतकों में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण पायरूवेट अम्ल किस कोशिकांग के भीतर लैक्टिक अम्ल में बदल जाता है?
जठर ग्रंथियों से यदि श्लेष्मा का स्राव न हो तो बताइए क्या होगा?
स्थलीय प्राणियों की अपेक्षा जलीय प्राणियों में श्वसन दर कहीं अधिक तीव्र गति से क्यों होती है?
मानव हृदय में रुधिर परिसंचरण को "दोहरा परिसंचरण" क्यों कहते हैं?
आमाशय की भित्ति में विद्यमान जठर ग्रंथियों के क्या क्या कार्य होते हैं?
धमनियों की अपेक्षा शिराओं की भित्तियाँ पतली क्यों होती हैं?
मानव आहार नाल का वर्णन कीजिए।
प्रकाश-संश्लेषण की प्रणाली की व्याख्या कीजिए।
