Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मानव हृदय में रुधिर परिसंचरण को "दोहरा परिसंचरण" क्यों कहते हैं?
Advertisements
उत्तर
मनुष्य में रक्त एक हृदय चक्र में एक साथ दो दिशाओं में प्रवाहित होता है। ऑक्सीजन युक्त रक्त फेफड़ों से हृदय में आता है और साथ ही ऑक्सीजन रहित रक्त हृदय से फेफड़ों की ओर जाता है। इस दोहरी गति के कारण मानव हृदय में रक्त संचार होता है जिसे दोहरा परिसंचरण कहते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मानव में वहन तंत्र के घटक कौन से हैं? इन घटकों के क्या कार्य हैं?
निम्नलिखित कशेरुकी समूह/समूहों में हृदय ऑक्सीजनित रुधिर को शरीर के विभिन्न भागों में पंप नहीं करता?
धमनियों का वर्णन करने के लिए सही कथन चुनिए :
जठर ग्रंथियों से यदि श्लेष्मा का स्राव न हो तो बताइए क्या होगा?
स्थलीय प्राणियों की अपेक्षा जलीय प्राणियों में श्वसन दर कहीं अधिक तीव्र गति से क्यों होती है?
आमाशय की भित्ति में विद्यमान जठर ग्रंथियों के क्या क्या कार्य होते हैं?
धमनियों की अपेक्षा शिराओं की भित्तियाँ पतली क्यों होती हैं?
रुधिर में पट्टिकाएँ न हों तो क्या होगा?
प्रकाश-संश्लेषण की प्रणाली की व्याख्या कीजिए।
मानवों में हृदय में से होकर रुधिर प्रवाह का वर्णन कीजिए।
