हिंदी

धमनियों का वर्णन करने के लिए सही कथन चुनिए : - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

धमनियों का वर्णन करने के लिए सही कथन चुनिए :

विकल्प

  • इनकी भित्तियाँ मोटी और प्रत्यास्थ होती हैं, इनमें रुधिर उच्च दाब के साथ बहता है, ये विभिन्न अंगों से रुधिर एकत्रित करके वापस हृदय में पहुँचाती हैं

  • इनकी भित्तियाँ पतली होती हैं और इनके भीतर कपाट होते हैं, इनमें रुधिर कम दाब के साथ बहता हैऔर ये रुधिर को हृदय से दूर शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाती हैं

  • इनकी भित्तियाँ मोटी एवं प्रत्यास्थ होती हैं, इनमें रुधिर कम दाब के साथ बहता है, ये रुधिर को हृदय से ले जाकर शरीर के विभिन्न भागों में पहुंचाती हैं

  • इनकी भित्तियाँ मोटी एवं प्रत्यास्थ होती हैं, इनमें रुधिर उच्च दाब के साथ बहता है और ये रुधिर को हृदय से दूर शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाती हैं।

MCQ
Advertisements

उत्तर

इनकी भित्तियाँ मोटी एवं प्रत्यास्थ होती हैं, इनमें रुधिर उच्च दाब के साथ बहता है और ये रुधिर को हृदय से दूर शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाती हैं।

स्पष्टीकरण -

उनके अंदर वाल्व के बिना मोटी लोचदार दीवारें होती हैं, रक्त उच्च दबाव में बहता है और रक्त को हृदय से दूर शरीर के विभिन्न भागों में ले जाता है।

shaalaa.com
वहन - मानव में वहन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 6: जैव प्रक्रम - Exemplar [पृष्ठ ५१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Science [Hindi] Class 10
अध्याय 6 जैव प्रक्रम
Exemplar | Q 21. | पृष्ठ ५१

संबंधित प्रश्न

मानव में वहन तंत्र के घटक कौन से हैं? इन घटकों के क्या कार्य हैं?


निम्नलिखित कशेरुकी समूह/समूहों में हृदय ऑक्सीजनित रुधिर को शरीर के विभिन्न भागों में पंप नहीं करता?


जठर ग्रंथियों से यदि श्लेष्मा का स्राव न हो तो बताइए क्या होगा?


स्थलीय प्राणियों की अपेक्षा जलीय प्राणियों में श्वसन दर कहीं अधिक तीव्र गति से क्यों होती है?


मानव हृदय में रुधिर परिसंचरण को "दोहरा परिसंचरण" क्यों कहते हैं?


आमाशय की भित्ति में विद्यमान जठर ग्रंथियों के क्या क्या कार्य होते हैं?


रुधिर में पट्टिकाएँ न हों तो क्या होगा?


मानव आहार नाल का वर्णन कीजिए।


प्रकाश-संश्लेषण की प्रणाली की व्याख्या कीजिए।


मानवों में हृदय में से होकर रुधिर प्रवाह का वर्णन कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×