हिंदी

मान लीजिए पृथ्वी का गुरुत्व बल अचानक शून्य हो जाता है, तो चंद्रमा किस दिशा में गति करना आरंभ कर देगा (यदि उसे अन्य आकाशीय पिंड प्रभावित न करें)?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मान लीजिए पृथ्वी का गुरुत्व बल अचानक शून्य हो जाता है, तो चंद्रमा किस दिशा में गति करना आरंभ कर देगा (यदि उसे अन्य आकाशीय पिंड प्रभावित न करें)?

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की वर्तुल गति पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा प्रदान किए गए अभिकेन्द्र बल के कारण होती है। इसलिए, जब पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण अचानक शून्य हो जाता है, तो चंद्रमा एक सीधी रेखा में उसी दिशा में गति करना शुरू कर देगा, जिस दिशा में वह उस समय चल रहा था। अर्थात चंद्रमा उस क्षण स्पर्शरेखा के साथ वृत्ताकार कक्षा में गति करेगा।

shaalaa.com
मुक्त पतन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 10: गुरुत्वाकर्षण - प्रश्नावली [पृष्ठ ६६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Science [Hindi] Class 9
अध्याय 10 गुरुत्वाकर्षण
प्रश्नावली | Q 18. | पृष्ठ ६६

संबंधित प्रश्न

मुक्त पतन का क्या अर्थ है?


यदि चंद्रमा पृथ्वी को आकर्षित करता है, तो पृथ्वी चंद्रमा की ओर गति क्यों नहीं करती?


एक व्यक्ति A अपने एक मित्र के निर्देश पर ध्रुवों पर कुछ ग्राम सोना खरीदता है। वह इस सोने को विषुवत वृत्त पर अपने मित्र को देता है। क्या उसका मित्र खरीदे हुए सोने के भार से संतुष्ट होगा? यदि नहीं, तो क्यों? (संकेत: ध्रुवों पर g का मान विषुवत वृत्त की अपेक्षा अधिक है।)


चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय बल, पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय बल की अपेक्षा `1/6` गुणा है। एक 10 kg की वस्तु का चंद्रमा पर तथा पृथ्वी पर न्यूटन में भार क्या होगा?


गुरुत्वाकर्षण के नियम में राशि G का मान


R त्रिज्या की पृथ्वी के केंद्र पर किसी पिंड का भार


पृथ्वी पर, किसी ऊँचाई से कोई पत्थर पृथ्वी के पृष्ठ के समांतर दिशा में फेंका जाता है तथा उसी क्षण कोई अन्य पत्थर उसी ऊँचाई से ऊर्ध्वाधर नीचे गिराया जाता है। इनमें से कौन-सा पत्थर पृथ्वी पर पहले पहुँचेगा और क्यों?


पृथ्वी पर सूर्य का गुरुत्व बल कार्य करता हे, तथापि पृथ्वी सूर्य में नहीं गिरती। क्यों?


दो पिंडों के बीच आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों तथा उनके बीच की दूरी पर किस प्रकार निर्भर करता है? किसी छात्र ने यह सोचा कि एक-दूसरे से बँधी दो ईंट, एक ईंट की तुलना में गुरुत्व बल के अधीन अधिक तेजी से गिरेंगी। क्या आप उसकी इस परिकल्पना से सहमत हैं अथवा नहीं? कारण लिखिए।


मुक्त पतन कब संभव है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×