Advertisements
Advertisements
प्रश्न
किसी पिंड का वायु में भार 10 N है। जल में पूरा डुबाने पर इसका भार केवल 8 N है। पिंड द्वारा विस्थापित जल का भार होगा -
विकल्प
2N
8N
10N
12N
Advertisements
उत्तर
2N
स्पष्टीकरण -
किसी वस्तु का वजन, w = mg
पृथ्वी के केंद्र में, गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण 'g' शून्य है। और `"g"^"′"="g"(1−"h"/"R")` द्वारा दिया जाता है,
जहां h = पृथ्वी की सतह से पृथ्वी के केंद्र दूरी और केंद्र पर (h=R) इसलिए g' = 0
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मुक्त पतन का क्या अर्थ है?
मुक्त पतन से आप क्या समझते हैं?
गुरुत्वीय त्वरण से आप क्या समझते हैं?
वायुमंडल पृथ्वी से जकड़ा हुआ है -
पृथ्वी पर, किसी ऊँचाई से कोई पत्थर पृथ्वी के पृष्ठ के समांतर दिशा में फेंका जाता है तथा उसी क्षण कोई अन्य पत्थर उसी ऊँचाई से ऊर्ध्वाधर नीचे गिराया जाता है। इनमें से कौन-सा पत्थर पृथ्वी पर पहले पहुँचेगा और क्यों?
g, G तथा R के पदों में पृथ्वी का औसत घनत्व परिकलित कीजिए।
पृथ्वी पर सूर्य का गुरुत्व बल कार्य करता हे, तथापि पृथ्वी सूर्य में नहीं गिरती। क्यों?
दो पिंडों के बीच आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों तथा उनके बीच की दूरी पर किस प्रकार निर्भर करता है? किसी छात्र ने यह सोचा कि एक-दूसरे से बँधी दो ईंट, एक ईंट की तुलना में गुरुत्व बल के अधीन अधिक तेजी से गिरेंगी। क्या आप उसकी इस परिकल्पना से सहमत हैं अथवा नहीं? कारण लिखिए।
5 cm भुजा के किसी घन को पहले जल तथा फिर नमक के संतृप्त विलयन में डुबोया गया। किस प्रकरण में यह अधिक उछाल बल अनुभव करेगा? यदि इस घन की प्रत्येक भुजा घटाकर 4 cm कर दी जाए और फिर इसे जल में डुबोया जाए तो जल के लिए पहले प्रकरण की तुलना में अब घन द्वारा अनुभव किए जाने वाले उछाल बल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
नीचे दिए गए पर्यायों में से एक या अनेक अचूक पर्याय चुनो।
किसी भारी पिंड को क्षैतिज के समांतर दिशा में चिकने पृष्ठभाग पर खींचते समय ______ बल के परिमाण समान होते हैं।
- क्षैतिज समांतर दिशा में प्रयुक्त किया गया बल
- गुरुत्वाकर्षण बल
- उर्ध्वगामी दिशा में रहने वाला प्रतिक्रिया बल
- घर्षण बल
