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प्रश्न
दो पिंडों के बीच आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों तथा उनके बीच की दूरी पर किस प्रकार निर्भर करता है? किसी छात्र ने यह सोचा कि एक-दूसरे से बँधी दो ईंट, एक ईंट की तुलना में गुरुत्व बल के अधीन अधिक तेजी से गिरेंगी। क्या आप उसकी इस परिकल्पना से सहमत हैं अथवा नहीं? कारण लिखिए।
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उत्तर
न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियम से, दो पिंडों के बीच आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती होता है और उनके केंद्रों के बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है, अर्थात,
F α `("m"_1"m"_2)/"d"^2`
छात्र की परिकल्पना गलत है। चूंकि गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण गिरने वाले शरीर के द्रव्यमान से स्वतंत्र होता है, इसलिए, एक साथ बंधी हुई दो ईंटें उसी गति से गिरती हैं, जिस गति से गुरुत्वाकर्षण की क्रिया के तहत एक ही समय में जमीन पर पहुंचती हैं।
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