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कूटी जाती, पीसी जाती, भोजन तीखा खूब बनाती। खाने में जो ज़्यादा डल गई, तो फिर मुँह से निकली सी-सी। आँख-नाक से निकले पानी, याद दिला दूँ, सबको नानी।

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प्रश्न

कूटी जाती, पीसी जाती,

भोजन तीखा खूब बनाती।

खाने में जो ज़्यादा डल गई,

तो फिर मुँह से निकली सी-सी।

आँख-नाक से निकले पानी,

याद दिला दूँ, सबको नानी।

सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,

जल्दी बोलो, कौन हूँ मैं?

एक शब्द/वाक्यांश उत्तर
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उत्तर

लाल मिर्च

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चटचटी पहेलियाँ!
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अध्याय 25: चटचटी पहेलियाँ! - प्रश्नावली [पृष्ठ १९९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
अध्याय 25 चटचटी पहेलियाँ!
प्रश्नावली | Q 1 | पृष्ठ १९९

संबंधित प्रश्न

मैं पतला-सा, पर छोटा हूँ,

भूरा भी हूँ, और काला भी हूँ।

गरम घी और तेल में,

मैं खुशबू फैलाता हूँ,

दही और जलज़ीरे में,

भून कर डाला जाता हूँ।

सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,

जल्दी बोलो, कौन हूँ मैं?


हरे रंग की जीरे जैसी,
ठीक हाजमा रखती
खाने के बाद मुझे खाते,
मैं मुँह का स्वाद बढाती।
सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,
जल्दी बोलो, कौन हूँ मैं?


किन्हीं दो मसालों के लिए पहेलियाँ बनाओ और अपनी क्लास में पूछो। उन मसालों के चित्र बनाकर नाम भी लिखो।


  • पता करो - तुम्हारे घर में खाने में कौन-कौन से मसाले काम में लाए जाते हैं। उनकी सूची बनाओ।
  • अपने साथियों की सूची भी देखो।

अपने दादा-दादी / नाना-नानी से पता करो, जब वे बच्चे थे, तब उनकी रसोई में कौन-कौन से मसाले अधिकतर इस्तेमाल होते थे?


एक ऐसे मसाले का नाम लिखो, जो नमकीन और मीठी–दोनों चीजें में डाला जाता है।


कैसी लगी तुम्हें आलू की चाट?


सोचो, अगर चाट में मसाले न डाले होते, तो इसका स्वाद कैसा होता?


एक तरह की चाट बनाना और सीखो। कक्षा में उसे मिल-बाँट कर खाओ।


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