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हरे रंग की जीरे जैसी, ठीक हाजमा रखती खाने के बाद मुझे खाते, मैं मुँह का स्वाद बढाती। सोचो, सोचो कौन हूँ मैं, जल्दी बोलो, कौन हूँ मैं?

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प्रश्न

हरे रंग की जीरे जैसी,
ठीक हाजमा रखती
खाने के बाद मुझे खाते,
मैं मुँह का स्वाद बढाती।
सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,
जल्दी बोलो, कौन हूँ मैं?

एक शब्द/वाक्यांश उत्तर
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उत्तर

सौंफ

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चटचटी पहेलियाँ!
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अध्याय 25: चटचटी पहेलियाँ! - प्रश्नावली [पृष्ठ २००]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
अध्याय 25 चटचटी पहेलियाँ!
प्रश्नावली | Q 5 | पृष्ठ २००

संबंधित प्रश्न

कूटी जाती, पीसी जाती,

खाने में पीला रंग लाती।

तेल में मुझे मिलाकर दादी,

चोट लगे तो झट से लगाती।

सबकी चोट को ठीक कराती,

इसीलिए मैं सबको भाती।

सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,

जल्दी बोलो, कौन हूँ मैं?


कील जैसी दिखती हूँ,
पर मैं एक कली हूँ।
चॉकलेटी भूरे रंग की,
तेज खुशबु वाली हूँ।
जब दर्द होता है दाँत में,
तब मुझे रखते दाँत में।
सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,
जल्दी बोलो कौन हूँ मैं?

किन्हीं दो मसालों के लिए पहेलियाँ बनाओ और अपनी क्लास में पूछो। उन मसालों के चित्र बनाकर नाम भी लिखो।


  • पता करो - तुम्हारे घर में खाने में कौन-कौन से मसाले काम में लाए जाते हैं। उनकी सूची बनाओ।
  • अपने साथियों की सूची भी देखो।

अपने दादा-दादी / नाना-नानी से पता करो, जब वे बच्चे थे, तब उनकी रसोई में कौन-कौन से मसाले अधिकतर इस्तेमाल होते थे?


एक ऐसे मसाले का नाम लिखो, जो नमकीन और मीठी–दोनों चीजें में डाला जाता है।


पता करो, खाने को खट्टा बनाने के लिए उसमें क्या डाला जाता है?


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सोचो, अगर चाट में मसाले न डाले होते, तो इसका स्वाद कैसा होता?


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