हिंदी

‘कं संजघान’ इति श्लोकं माध्यमभाषया स्पष्टीकुरुत।

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प्रश्न

‘कं संजघान’ इति श्लोकं माध्यमभाषया स्पष्टीकुरुत। 

स्पष्ट कीजिए
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उत्तर १

English: 

चित्रकाव्यम् is a type of image poetry. Such poems demonstrate the poets’ prodigious intellect while also arousing amusement and pleasure.

This श्लोक is an example of the following: Here are four different questions with their answers contained within. Its foundation is based on शब्दालङ्कार. The answer to a given question can be obtained by either joining or dividing letters. Similarly:

  1. कं संजधान कृष्णः denotes who कृष्ण killed. By combining the first two letters, you can get the answer.
  2. का शीतलवाहिनी गङ्गा? Which is the cool river? गङ्गा? The answer (काशी) तलवाहिनी is obtained by joining the first two letters.
  3. Who is preoccupied with wife care? के दारपोषणरता: By joining the first three letters, the answer (those who are engaged in field care - farmers) can be found.
  4. कं बलवन्तं न बाधते शीतम्? Which strong man is not affected by the cold? the one who has alc, means blanket. This is obtained by joining first three letters.
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उत्तर २

हिंदी:

चित्रकाव्यम एक काल्पनिक कविता है। ऐसी कविताएँ न सिर्फ़ कवि की बहुत ज़्यादा समझदारी दिखाती हैं, बल्कि मनोरंजन और खुशी भी देती हैं। ‘के संजघन’ इसका एक अच्छा उदाहरण है। यह इंटरजेक्शन का एक उदाहरण है।

कविता में पूछे गए चार सवालों के जवाब भी वहीं छिपे हैं। यह कविता शब्दों के खेल पर आधारित है। अगर कुछ अक्षर जोड़े या बांटे जाएं, तो पूछे गए सवालों के जवाब मिल सकते हैं। जैसे

  1. काम संजागान ऋषण का मतलब है, कृष्ण ने किसे मारा? यहाँ, अगर हम पहले चैप्टर के पहले दो अक्षर जोड़ते हैं, तो हमें सही जवाब ऋष मिलता है।
  2. क शीतलवाहिनी गंगा? कौन सी नदी है जो ठंडी बहती है? अगर हम दूसरे चैप्टर के पहले दो अक्षर जोड़ते हैं, तो हमें जवाब मिलता है ऋषि यानी काशिक्षेत्र। इसका मतलब है, वह गंगा जो काशिक्षेत्र में बहती है।
  3. परिवार का पालन-पोषण करने में कौन व्यस्त है? अगर हम तीसरे चैप्टर के पहले दो अक्षर जोड़ते हैं, तो हमें जवाब मिलता है ऋषणपाशरताः (किसान)।
  4. कौन सा ताकतवर इंसान ठंड से प्रभावित नहीं होता? यहां भी, अगर हम चौथे अध्याय के तीन अक्षर जोड़ दें, तो हमें ऋषणवंतम शब्द मिलता है, जिसका मतलब है, जो मजबूत व्यक्ति कंबल ओढ़ लेता है, उसे ठंड नहीं लगती।
shaalaa.com

उत्तर ३

मराठी:

चित्रकाव्यम् हे काल्पनिक काव्य आहे. असे काव्य कवीची अफाट बुद्धिमत्ता तर दर्शवितात, त्याच बरोबर मनोरंजन व आनंदही निर्माण करतात. ‘के संजघान’ हे त्याचे उत्तम उदाहरण आहे. हे अन्तरालापाचे उदाहरण आहे.

येथे श्लोकात विचारलेल्या चार प्रश्नांची उत्तरेही तिथेच दडली आहेत. शब्दालंकारावर आधारित असा हा श्लोक आहे. काही अक्षरे जोडल्यास अथवा विभाजित केल्यास विचारलेल्या प्रश्नांची उत्तरे मिळू शकतात. ज्याप्रमाणे

  1. कं संजघान कृष्ण म्हणजे, कृष्णाने कोणाला ठार मारले? येथे, प्रथम चरणातील पहिली दोन अक्षरे जोडल्यास कंस असे योग्य उत्तर मिळते.
  2. का शीतलवाहिनी गंगा? शीतल वाहणारी गंगा नदी कोणती? दुसऱ्या चरणातील पहिली दोन अक्षरे जोडल्यास काशी म्हणजे काशीक्षेत्र असे उत्तर मिळते. याचा अर्थ, काशीक्षेत्रात वाहणारी गङ्गा.
  3. कुटुंबाचे पोषण करण्यात कोण मग्न असतात? तिसऱ्या चरणातील पहिली दोन अक्षरे जोडल्यास केदारपोषणरताः (शेतकरी) असे उत्तर मिळते.
  4. कोणत्या बलवानास थंडी बाधत नाही? येथेही, चौथ्या चरणातील तीन अक्षरे जोडल्यास कंबलवन्तं असा शब्द म्हणजेच उत्तर मिळते, त्याचा अर्थ, कांबळे धारण करणाऱ्या बलवानास थंडी वाजत नाही.
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चित्रकाव्यम्।
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 10: चित्रकाव्यम्। (पद्यम्‌) - भाषाभ्यास: [पृष्ठ ५९]

APPEARS IN

बालभारती Sanskrit Composite Anand [English] Standard 10 Maharshtra State Board
अध्याय 10 चित्रकाव्यम्। (पद्यम्‌)
भाषाभ्यास: | Q ४. | पृष्ठ ५९
बालभारती Sanskrit Amod [English] Standard 10 Maharashtra State Board
अध्याय 13 चित्रकाव्यम्। (पद्यम्)
भाषाभ्यास: | Q ४. | पृष्ठ ८३

संबंधित प्रश्न

माध्यमभाषया उत्तरं लिखत ।

'कं संजघान कृष्णः...............इति श्लोकं स्पष्टीकुरुत ।


पद्यांश॑ निर्दिष्टा: कृती: कुरुत। (5 त: 4)

वैद्यराज नमस्तुभ्यं यमराजसहोदर ।
यमस्तु हरति प्राणान्‌ त्वं तु प्राणान्‌ धनानि च।।

मनुजा वाचनेनैव बोधन्ते विषयान्‌ बहून्‌ ।
दक्षा भवन्ति कार्येषु वाचनेन बहुश्रुताः। ।

यादृशं वपते बीजं क्षेत्रमासाद्य कर्षकः।
सुकृते दुष्कृते वाऽपि तादृशं लभते फलम्‌।।

विद्या नाम नरस्य रूपमधिकं प्रच्छन्नगुप्तं धनम्‌।
विद्या भोगकरी यशः सुखकरी विद्या गुरूणां गुरुः।
विद्या बन्धुजनो विदेशगमने विद्या परं दैवतम्‌
विद्या राजसु पूज्यते न तु धनं विद्याविहीनः पशुः। ।

(क) पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।

यमः किं हरति?

(ख) विशेषण-विशेष्ययोः मेलनं कुरुत।

  विशेषणम्‌  विशेष्यम्‌
(1) दक्षाः विषयान्‌
(2) बहून्‌ वाचनम्‌
    मनुजाः

(ग) जालरेखाचित्रं पूरयत।

विद्या प्रच्छन्नगुप्तं धनम्‌।
गुरूणां ______।
परं दैवतम्‌।
नरस्य अधिकं ______।

(घ) पद्यांशात्‌ 2 द्वितीयाविभक्त्यन्तपदे चित्वा लिखत।

(च) पूर्वपदं/उत्तरपदं लिखत।

  1. वाचनेनैव =______ + एव।
  2. क्षेत्रमासाद्य = क्षेत्रम्‌ +______।

पद्ये शुद्ध पूर्णे च लिखत।

रामाभिषेके ____________ 
____________ ठं ठठं ठः।।


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

कृष्णः कं जघान?


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

दारपोषणे के रताः?


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

कं शीतं न बाधते?


समानार्थकं शब्द लिखत।

कृष्णः


समानार्थकं शब्द लिखत।

गङ्गा


समानार्थकं शब्द लिखत।

रतः


समानार्थकं शब्द लिखत। 

बलवान्


‘गङ्गा’ इति पदस्य विशेषणम् अन्विष्यत लिखत च।


मेलनं कुरुत।

विशेषणम् विशेष्यम्
बहवः वचः
दीनम् चातकः
  अम्भोदाः

‘रे रे चातक’ इति श्लोकं माध्यमभाषया स्पष्टीकुरुत। 


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

कविः कं नमति?


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

वैद्यः किं किं हरति?


समानार्थकशब्द लिखत।

यमः


समानार्थकशब्द लिखत।

सहोदरः


‘वैद्यराज नमस्तुभ्यम्’ अस्य श्लोकस्य स्पष्टीकरण माध्यमभाषया लिखत।


जालरेखाचित्रं पूरयत।



पूर्णवाक्येन उत्तरत।

जनकस्य सुतां हृत्वा कः ययौ?


समानार्थकं पदं लिखत।

पुरी 


समानार्थकं पदं लिखत।

ययौ


समानार्थकं पदं लिखत।

पण्डितः


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

कः धनं याचते?


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

‘अयं न भक्तो’ इति प्रहेलिकायाः उत्तरं किम्?


रेखाचित्रं पूरयत।


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

कः शब्दं करोति?


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

कस्याः हस्तात् सुवर्णघटः पतितः?


समानार्थकशब्दं लिखत।

हेम


समानार्थकशब्दं लिखत।

जलम्


‘रामाभिषेके’ अस्य श्लोकस्य स्पष्टीकरण माध्यमभाषया लिखत।


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

श्लोके कयोः सम्भाषणं वर्तते?


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

श्लोके निर्दिष्टानि सम्बोधनपदानि लिखत।


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

विष्णुः भिक्षुरूपेण कुत्र गच्छति?


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

विष्णुः कुत्र शेते?


समानार्थकं पदं लिखत

भिक्षुः


समानार्थकं पदं लिखत।

मखः 


समानार्थकं पदं लिखत।

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समानार्थकं पदं लिखत।

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समानार्थकं पदं लिखत।

गिरिजा


श्लोके कानि क्रियापदानि?


पूर्णवाक्येन उत्तरत।

अयं न भक्तो इति प्रहेलिकायाः उत्तरं किम्?


पद्यांशं पठित्वा निर्दिष्टाः कृतीः कुरुत।

रामाभिषेके जलमाहरन्त्या
हस्तात्‌। सृतो हेमघटो युवत्याः।
सोपानमार्गेण करोति शब्दं
ठंठं ठठं ठं ठठठं ठठं ठः॥
रथस्यैकं चक्र भुजगयमिताः सप्त तुरगाः
निरालम्बो मार्गश्चरणविकलः सारथिरपि।
रविर्यात्यवान्तं प्रतिदिनमपारस्य नभसः
क्रियासिद्धिः सत्वे भवति महतां नोपकरणे ॥
वृद्धोऽहं त्वं युवा धन्वो सरथः कवची शरी।
तथाप्यादाय वैदेही कुशली न गमिष्यसि ॥

(1) पद्यांशं पठित्वा निर्दिष्टे कृती करुत। (3 तः 2)     (2)

(क) पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।       (1)

कः शब्दं करोति?

(ख) चतुर्थपदं लिखत।       (1)

(1) निरालम्ब : मार्ग: : : चरणविकलः : ______।

2) एकम्‌ : चक्रम्‌ : : सप्त : ______।

(ग) पूर्वपदं लिखत।       (1)

(1) वृद्धोऽहम्‌ = ______ + अहम्‌।

(2) रथस्यैकम्‌ = ______ + एकम्‌।

(2) जालरेखाचित्रं पूरयत।       (2)


पद्य शुद्धे पूर्णे च लिखत।

कं ______ शीतम्‌॥


पद्य शुद्धे पूर्णे च लिखत।

वैद्यराज ______ धनानि च॥


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