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किसी डोरी पर कोई अनुप्रस्थ गुणावृत्ति तरंग का वर्णन ytsinty(x,t)=3.0 sin (36 t+0.018x+π4) द्वारा किया जाता है। यहाँ x तथा y सेंटीमीटर में तथा t सेकंड में है

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प्रश्न

किसी डोरी पर कोई अनुप्रस्थ गुणावृत्ति तरंग का वर्णन

`"y"(x, "t") = 3.0  "sin"  (36  "t" + 0.018x + pi/4)`

द्वारा किया जाता है। यहाँ x तथा y सेंटीमीटर में तथा t सेकंड में है। x की धनात्मक दिशा बाएँ से दाएँ है।

  1. क्या यह प्रगामी तरंगे है अथवा अप्रगामी ? यदि यह प्रगामी तरंग है तो इसकी चाल तथा संचरण की दिशा क्या है?
  2.  इसका आयाम तथा आवृत्ति क्या है?
  3. उद्गम के समय इसकी आरंभिक कला क्या है?
  4. इस तरंग में दो क्रमागंत शिखरों के बीच की न्यूनतम दूरी क्या है?
संख्यात्मक
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उत्तर

(a) दिए गए समीकरणों को पुनर्व्यवस्थित करके निम्नलिखित प्रकार से लिखा जा सकता है,

`"y"(x, "t") = 3.0  "sin" [0.018 (36/0.018 * "t" + x) + x/4]`            ...(1)

यह समीकरण `"y" (x, "t") = alpha  "sin"  [(2pi)/lambda(upsilon  "t" + x) + phi_0 ]`  रूप की है।             ...(2)

अतः यह प्रगामी तरंग को प्रदर्शित करती है। समिकरण (1) व (2) की तुलना से चाल

υ = (36/0.018) cm/s

= 2000 cm/s

= 20 m/s

(b) पुनः समीकरण (1) तथा समीकरण (2) तुलना से,

आयाम α = 3.0 cm, `(2pi)/lambda` = 0.018

अतः तरंगदैर्घ्य `lambda = ((2pi)/0.018) "cm"`

`= ((2 xx 3.14)/0.018) "cm"`

= 349 cm

= 3.49 m

∴ आवृत्ति `nu = upsilon/lambda`

`= (20  "m"//"s")/(3.49  "m")`

= 5.73 s-1

(c) पुनः समीकरण (1) तथा (2) की तुलना से आरंभिक कला

Φ0 = π/4 rad

(d) तरंग के दो क्रमागत शिखरों के बीच की दूरी = λ = 3.49 m = 3.5 m

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प्रगामी तरंग की चाल - प्रगामी तरंग की चाल का परिचय
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 14: तरंगें - अभ्यास [पृष्ठ ४०६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 14 तरंगें
अभ्यास | Q 15.8 | पृष्ठ ४०६
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