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प्रश्न
कालिदास के रघुवंश महाकाव्य में पत्नी (इंदुमती) के मृत्यु-शोक पर अज तथा निराला की सरोज-स्मृति में पुत्री (सरोज) के मृत्यु-शोक पर पिता के करुण उद्गार निकले हैं। उनसे भ्रातृशोक में डूबे राम के इस विलाप की तुलना करें।
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उत्तर
यदि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की रचना सरोज-स्मृति में व्यक्त पुत्री सरोज की मृत्यु के दुःख की तुलना लक्ष्मण के लिए विलाप करते हुए राम के शोक से की जाए, तो राम का दुःख अपेक्षाकृत कम प्रतीत होता है। इसका कारण यह है कि निराला की पुत्री का वास्तविक निधन हो चुका था, जबकि लक्ष्मण केवल मूर्छित थे और उनके जीवित होने की संभावना अभी भी बनी हुई थी। इसके अतिरिक्त, संतान-वियोग का दुःख सामान्यतः जीवन के सबसे गहरे और पीड़ादायक शोकों में माना जाता है, इसलिए निराला का शोक अधिक मार्मिक और तीव्र दिखाई देता है।
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व्याख्या करें-
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