हिंदी

गैसों के विनिमय के लिए मानव-फुफ्फुस में अधिकतम क्षेत्रफल को कैसे अभिकल्पित किया है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

गैसों के विनिमय के लिए मानव-फुफ्फुस में अधिकतम क्षेत्रफल को कैसे अभिकल्पित किया है?

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

फुफफस के अंदर लाखों कूपिका होते हैं जो एक सतह उपलब्ध कराती है जिससे गैसों का विनिमय हो सकता है। कूपिकाओं की भित्ति में रुघिर वाहिकाओं का विस्तीर्ण जाल होता है। जब हम श्वास अंदर लेते हैं, हमारी पसलियाँ ऊपर उठती हैं और हमारा डायाफ्राम चपटा हो जाता है, इसके परिणामस्वरूप वक्षगुहिका बड़ी हो जाती है।  इस कारण वायु फुफ्फुस के अंदर चूस ली जाती है। सांस से आने वाली ऑक्सीजन रक्त में प्रसारित हो जाती है और शरीर से लाया गया CO2 रक्त से हवा में प्रसारित हो जाता है।

shaalaa.com
श्वसन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 5: जैव प्रक्रम - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ११६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Vigyaan [Hindi] Class 10
अध्याय 5 जैव प्रक्रम
पाठ्य प्रश्न | Q 13. | पृष्ठ ११६

संबंधित प्रश्न

पायरुवेट के विखंडन से यह कार्बन डाइऑक्साइड, जल तथा ऊर्जा देता है और यह क्रिया होती है


हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के क्या परिणाम हो सकते हैं?


मनुष्य में दोहरा परिसंचरण की व्याख्या कीजिए।


वायवीय श्वसन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?


श्वसन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है?

  1. अंतः श्वसन के दौरानपसलियाँ भीतर की तरफ़ चली जाती हैं और डायफ्राम ऊपर की तरफ उठ जाता है।
  2. कूपिकाओं के भीतर, गैसों का विनिमय होता है अर्थात् कूपिकाओं की वायु की ऑक्सीजन विसरित होकर रुधिर में पहुँच जाती है और रुधिर की कार्बन डाइऑक्साइड विसरित होकर कूपिकाओं की वायु में चली जाती है। 
  3. हीमोग्लोबिन में ऑक्सीजन की अपेक्षा कार्बन डाइऑक्साइड के प्रति अधिक बंधुता होती है। 
  4. कूपिकाओं के कारण गैसों के विनिमय के लिए अधिक सतही क्षेत्रफल उपलब्ध हो जाता है।

श्वसन के दौरान, गैसों का विनिमय कहाँ होता है?


अधिकांश पौधे नाइट्रोजन को किस रूप में अवशोषित करते हैं?

  1. प्रोटीन
  2. नाइट्रेट एवं नाइट्राइट
  3. यूरिया
  4. वायुमंडलीय नाइट्रोजन

वायवीय श्वसन किस प्रकार अवायवीय श्वसन से भिन्न होता है?


मानव में साँस लेने की प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए।


मनष्यु में दोहरा परिसंचरण क्यों आवश्यक है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×