मराठी

गैसों के विनिमय के लिए मानव-फुफ्फुस में अधिकतम क्षेत्रफल को कैसे अभिकल्पित किया है? - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

गैसों के विनिमय के लिए मानव-फुफ्फुस में अधिकतम क्षेत्रफल को कैसे अभिकल्पित किया है?

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

फुफफस के अंदर लाखों कूपिका होते हैं जो एक सतह उपलब्ध कराती है जिससे गैसों का विनिमय हो सकता है। कूपिकाओं की भित्ति में रुघिर वाहिकाओं का विस्तीर्ण जाल होता है। जब हम श्वास अंदर लेते हैं, हमारी पसलियाँ ऊपर उठती हैं और हमारा डायाफ्राम चपटा हो जाता है, इसके परिणामस्वरूप वक्षगुहिका बड़ी हो जाती है।  इस कारण वायु फुफ्फुस के अंदर चूस ली जाती है। सांस से आने वाली ऑक्सीजन रक्त में प्रसारित हो जाती है और शरीर से लाया गया CO2 रक्त से हवा में प्रसारित हो जाता है।

shaalaa.com
श्वसन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: जैव प्रक्रम - प्रश्न 3 [पृष्ठ ११६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Vigyaan [Hindi] Class 10
पाठ 6 जैव प्रक्रम
प्रश्न 3 | Q 4. | पृष्ठ ११६

संबंधित प्रश्‍न

श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की दिशा में एक जलीय जीव की अपेक्षा स्थलीय जीव किस प्रकार लाभप्रद है?


ग्लूकोज़ के ऑक्सीकरण से भिन्न जीवों में ऊर्जा प्राप्त करने के विभिन्न पथ क्या हैं?


स्तनधारी तथा पक्षियों में ऑक्सीजनित तथा विऑक्सीजनित रुधिर को अलग करना क्यों आवश्यक है?


वायवीय तथा अवायवीय श्वसन में क्या अंतर हैं? कुछ जीवों के नाम लिखिए जिनमें अवायवीय श्वसन होता है। 


गैसों के अधिकतम विनिमय के लिए कूपिकाएँ किस प्रकार अभिकल्पित हैं?


अंतः श्वसन के दौरान वायु प्रवाह का सही मार्ग कौन-सा है?


श्वसन के दौरान, गैसों का विनिमय कहाँ होता है?


अधिकांश पौधे नाइट्रोजन को किस रूप में अवशोषित करते हैं?

  1. प्रोटीन
  2. नाइट्रेट एवं नाइट्राइट
  3. यूरिया
  4. वायुमंडलीय नाइट्रोजन

वायवीय श्वसन किस प्रकार अवायवीय श्वसन से भिन्न होता है?


मनष्यु में दोहरा परिसंचरण क्यों आवश्यक है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×