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हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के क्या परिणाम हो सकते हैं?

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प्रश्न

हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के क्या परिणाम हो सकते हैं?

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उत्तर १

हीमोग्लोबिन हमारे शरीर में ऑक्सीजन का वहन करता है। लाल रक्त कण में यदि इनकी मात्रा कम हो जाती है तो शरीर के अंगो को सुचारू रूप से ऑक्सीजन नहीं मिल पता है। जिससे भोजन का ऑक्सीकरण पूर्णतः नहीं हो पाता, जिससे ऊर्जा में भी कमी आती है और थकावट उत्पन्न होती है। इसकी कमी से व्यक्ति एनीमिया से पीड़ित हो जाता है।

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उत्तर २

हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी से रक्त में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप सांस लेने में समस्या, थकान और ऊर्जा की कमी हो जाती है। इससे हम पीले दिखेंगे और वजन भी कम होगा। हीमोग्लोबिन हमारे रक्त में मौजूद एक लाल रंगद्रव्य है जो शरीर के सभी हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। यदि हीमोग्लोबिन की कमी है, तो हमारे शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाएगी जिससे कम रिलीज हो सकती है। हमारे शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है, जिससे एनीमिया नामक बीमारी हो जाती है। सांस फूलना, थकान, कमजोरी एनीमिया के लक्षण हैं। इसके अलावा, हीमोग्लोबिन की कमी से फेफड़ों से शरीर के ऊतकों तक आरबीसी की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम हो जाएगी जो शरीर के ऊतकों में हाइपोक्सिया का कारण बनती है। इससे जीवों की ऊर्जा आपूर्ति और चयापचय दर कम हो जाती है।

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श्वसन
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अध्याय 5: जैव प्रक्रम - अभ्यास [पृष्ठ ११०]

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एनसीईआरटी Vigyaan [Hindi] Class 10
अध्याय 5 जैव प्रक्रम
अभ्यास | Q 10. | पृष्ठ ११०

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  1. अंतः श्वसन के दौरानपसलियाँ भीतर की तरफ़ चली जाती हैं और डायफ्राम ऊपर की तरफ उठ जाता है।
  2. कूपिकाओं के भीतर, गैसों का विनिमय होता है अर्थात् कूपिकाओं की वायु की ऑक्सीजन विसरित होकर रुधिर में पहुँच जाती है और रुधिर की कार्बन डाइऑक्साइड विसरित होकर कूपिकाओं की वायु में चली जाती है। 
  3. हीमोग्लोबिन में ऑक्सीजन की अपेक्षा कार्बन डाइऑक्साइड के प्रति अधिक बंधुता होती है। 
  4. कूपिकाओं के कारण गैसों के विनिमय के लिए अधिक सतही क्षेत्रफल उपलब्ध हो जाता है।

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