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प्रश्न
‘दुख का अधिकार’ पाठ का उद्देश्य मानवीय संवेदना जगाना है।’ पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
‘दुख का अधिकार’ पाठ में खरबूजे बेचने वाली महिला की दुखी मनोदशा का ऐसा चित्रण करता है जो किसी भी संवेदनशील मनुष्य के हृदय को झकझोर जाता है। हमारे समाज में ऐसे व्यक्ति भी हैं जो संवेदनहीनता के कारण खरबूजे बेचने वाली जैसी दुखी बेवश और शोकसंतप्त के दुख को महसूस नहीं कर पाते हैं। उनके लिए ऐसी दुखी महिला घृणा और उपहास के पात्र नज़र आते हैं। ये लोग दुखी व्यक्ति पर कटाक्ष करने से नहीं चूकते हैं। दूसरी ओर समाज में लेखक जैसे भी लोग हैं जो दूसरों को शोकसंतप्त देखकर मन से दुखी होते हैं परंतु कर्म करने के समय उनकी पोशाक आड़े आ जाती है। इस पाठ का मुख्य उद्देश्य यही है कि वे दूसरों के दुख की अनुभूति करें और दुखी व्यक्ति पर हँसना छोड़कर उसके साथ बैठकर उससे सच्ची सहानुभूति प्रकट करें।
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